झांसी/लखनऊ: उत्तर प्रदेश के झांसी में महिला सशक्तिकरण की मिसाल मानी जाने वाली शहर की पहली महिला ऑटो ड्राइवर अनिता चौधरी (45) की हत्या ने पूरे जिले को हिला कर रख दिया है। जिसे पुलिस शुरुआत में एक साधारण सड़क हादसा मान रही थी, वह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद एक सोची-समझी साजिश और निर्मम हत्या का मामला निकला।
पुलिस ने इस हत्याकांड में अनिता के पूर्व परिचित और मुख्य आरोपी मुकेश झा की तलाश शुरू कर दी है, जिस पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
हादसा नहीं, यह 'कोल्ड ब्लडेड मर्डर' था
घटना सोमवार तड़के करीब 2:30 बजे की है। पुलिस कंट्रोल रूम (PCR) को सूचना मिली कि सिविल लाइंस इलाके में एक ऑटो पलट गया है और एक महिला उसके नीचे दबी हुई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला को खून से लथपथ हालत में पाया। उसके सिर से खून बह रहा था।
पुलिस ने शुरुआत में इसे एक रोड एक्सीडेंट माना और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। लेकिन, जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई, तो पुलिस अधिकारियों के पैरों तले जमीन खिसक गई। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि अनिता की मौत एक्सीडेंट में चोट लगने से नहीं, बल्कि सिर में गोली लगने (Gunshot Injury) से हुई थी। हत्यारों ने हत्या को हादसे की शक्ल देने के लिए ऑटो को पलटा दिया था।
कौन थीं अनिता चौधरी?
अनिता चौधरी झांसी की पहचान बन चुकी थीं। वह शहर की पहली महिला ऑटो ड्राइवर थीं, जिन्होंने पुरुष प्रधान क्षेत्र में अपनी जगह बनाई थी। उनके साहस और जज्बे के लिए दिसंबर 2021 में यूपी पुलिस ने उन्हें सम्मानित भी किया था। वह कई महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत थीं, लेकिन किसे पता था कि उनका अंत इतना खौफनाक होगा।
हत्या की वजह: 'ना' सुनने का इनकार
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह मामला एकतरफा जुनून और प्रतिशोध का है। अनिता और मुख्य आरोपी मुकेश झा (45) के बीच पहले संबंध थे, लेकिन अनिता ने करीब चार महीने पहले इस रिश्ते को खत्म कर दिया था और मुकेश से बातचीत बंद कर दी थी।
नवाबाद थाना प्रभारी (SHO) रवि श्रीवास्तव के अनुसार, "अनिता के संबंध तोड़ने के बावजूद मुकेश उन पर रिश्ता रखने का दबाव बना रहा था। अनिता का लगातार इनकार करना मुकेश के अहम को चोट पहुंचा रहा था, जो संभवतः इस हत्या का कारण बना।"
पुलिस की भूमिका पर सवाल?
इस हत्याकांड ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। जानकारी के मुताबिक, अनिता ने कुछ महीने पहले ही मुकेश के खिलाफ आपराधिक धमकी और उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी और एफआईआर (FIR) भी हुई थी।
चूंकि इन धाराओं में सजा का प्रावधान 7 साल से कम था, इसलिए पुलिस ने तब मुकेश को गिरफ्तार नहीं किया। शायद अगर समय रहते पुलिस ने उस शिकायत पर सख्त कार्रवाई की होती, तो आज अनिता जिंदा होतीं।
कातिल की कार और सीसीटीवी फुटेज
पुलिस ने जांच में पाया कि हत्या वाली रात मुकेश अपनी कार से अनिता के ऑटो का पीछा कर रहा था। सीसीटीवी फुटेज में उसकी कार अनिता के ऑटो के पीछे जाती हुई दिखाई दी है। पुलिस ने मंगलवार सुबह बरुआ सागर बांध के पास से मुकेश की वह लावारिस कार बरामद कर ली है।
आरोपी फरार, परिजनों से पूछताछ
एडीजी कानपुर जोन, आलोक सिंह ने बताया कि मुख्य आरोपी मुकेश झा अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस ने मुकेश के बेटे और साले को हिरासत में लिया है ताकि उसकी लोकेशन का पता लगाया जा सके। अनिता के पति ने भी मुकेश के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई है।