पंजाब: जालंधर में बाबा साहेब अंबेडकर की मूर्ति पर लिखे गए खालिस्तान समर्थक नारे, पन्नू ने ली जिम्मेदारी

05:06 PM Mar 31, 2025 | The Mooknayak

जालंधर। पंजाब के जालंधर जिले के फिल्लौर में बाबा साहेब अंबेडकर की मूर्ति पर खालिस्तानी स्लोगन लिखे जाने की घटना ने इलाके में तनाव पैदा कर दिया है। यह घटना फिल्लौर के मंड गांव में सामने आई, जहां शरारती तत्वों ने मूर्ति पर आपत्तिजनक शब्दावली लिखकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई।

प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने वीडियो जारी कर इस घटना की जिम्मेदारी ली है। इसमें वो कहता हुआ सुना जा सकता है कि फिल्लौर के नंगल में बनी बाबा साहेब की मूर्ति पर खालिस्तानी स्लोगन उसकी शय पर लिखा गया है।

जालंधर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) गुरमीत सिंह ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि मंड गांव में बाबा साहेब अंबेडकर की मूर्ति शीशे से ढकी हुई थी, जिस पर कुछ अज्ञात लोगों ने गलत शब्दों का इस्तेमाल किया। पुलिस ने इस मामले में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की धाराओं के तहत प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एसएसपी ने कहा कि आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है और कुछ अहम सबूत भी मिले हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही इस मामले को सुलझाकर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

एसएसपी गुरमीत सिंह ने आगे कहा, "यह शरारती तत्वों की साजिश है, जो धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाकर पंजाब का माहौल खराब करना चाहते हैं। लेकिन पुलिस इस मामले को जल्द ट्रेस कर लेगी और किसी को भी राज्य की शांति भंग करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।"

ईद के मौके पर हुई इस घटना के बाद गांव नंगल और आसपास के इलाकों में माहौल तनावपूर्ण हो गया है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मूर्ति पर लिखे स्लोगन को मिटा दिया, लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से स्थिति और बिगड़ती जा रही है। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है।

दलित समुदाय के लोगों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। दलित समुदाय के नेताओं ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि भविष्य में बाबा साहब की मूर्ति का अपमान दोबारा हुआ, तो सड़कों पर प्रदर्शन किया जाएगा। समुदाय ने पुलिस को शिकायत सौंपकर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

एक प्रतिनिधि ने कहा, "ईद के पवित्र अवसर पर हम सभी धर्मों के लोगों से भाईचारा बनाए रखने की अपील करते हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।"

पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है और जल्द ही इस घटना के पीछे शामिल लोगों को पकड़ने का दावा कर रही है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

(With inputs from IANS)