+

बिहार के दरभंगा में दलित बच्ची से मारपीट, हालत गंभीर, पंचायत में मामले को सुलझाने की धमकी

दरभंगा: बिहार के दरभंगा जिले के कमतौल थाना क्षेत्र के मधुपुर गांव में तालाब से पानी लेने गई 14 साल की एक दलित समुदाय की बच्ची के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि मुस्लिम समुदाय के कुछ युवकों ने उसके साथ मारपीट की। इससे उसकी कमर टूट गई।

पीड़िता के परिजनों का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने थाना में आवेदन दिया, लेकिन अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि गांव में पंचायत के माध्यम से दो लाख रुपये लेकर मामले को रफा-दफा करने का दबाव बनाया जा रहा है। साथ ही, पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई है।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मीडिया में खबर आने के बाद देर शाम डीएसपी सदर 2 ज्योति कुमारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए पीड़ित परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया है। उन्होंने बताया कि बच्ची का बयान दर्ज किया गया है। मामले की जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पीड़िता सीमा कुमारी के पिता लाल बच्चन मुसहर ने थाने में दिए आवेदन में बताया कि 30 मार्च को उनकी बेटी तालाब से पानी लेने गई थी, जहां कुछ युवकों ने उसका पीछा कर गंदी गालियां दीं और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की। बच्ची बुरी तरह जख्मी हो गई और उसकी कमर टूट गई।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने घायल बच्ची को परिजनों की मदद से जाले रेफरल अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। परिजनों के अनुसार, सीमा अब बिस्तर से उठ नहीं पा रही है और उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।

परिजनों ने मो. जावेद, हंसी अहमद के पुत्र, सद्दाम सहित 10 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। आरोप है कि आरोपी लगातार जातिसूचक टिप्पणी कर धमकी दे रहे हैं। पीड़ित परिवार ने बताया कि आरोपियों ने कहा कि 'मुसहर जाति के हो, कुछ नहीं बिगाड़ सकते, शिकायत की तो जान से मार देंगे।'

बिस्तर पर लेटी सीमा ने बताया कि तालाब के पास मौजूद लोगों ने उसे वहां से जाने को कहा, लेकिन जैसे ही वह बाहर निकली, सात लोगों ने मिलकर उसकी पिटाई की और कमर तोड़ दी। उसने सभी आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच जारी है और जल्द सभी आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं होने से पीड़ित परिवार आक्रोशित है और उन्हें न्याय की प्रतीक्षा है।

facebook twitter