कोच्चि- मलयालम फिल्म उद्योग के जाने-माने निर्देशक रंजीत बालकृष्णन को एक अभिनेत्री के साथ कथित यौन उत्पीड़न के मामले में एर्नाकुलम न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने जमानत दे दी। निर्देशक वर्तमान में एर्नाकुलम सब जेल में बंद थे और कोर्ट के आदेश के बाद उनकी रिहाई जल्द होने की उम्मीद है। कोर्ट ने जमानत कुछ शर्तों के साथ मंजूर की है।
आपको बता दें, 31 मार्च को रंजीत की गिरफ्तारी हुई थी। एक युवा अभिनेत्री ने उन पर आरोप लगाया था कि 30 जनवरी को एक फिल्म के सेट पर कारवां के अंदर निर्देशक ने उनके साथ यौन उत्पीड़न का प्रयास किया था। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था। एर्नाकुलम सब जेल पहुंचने पर रंजीत ने मीडिया से कहा था कि यह उनके खिलाफ एक झूठा और गढ़ा हुआ मामला है।
गौरतलब है कि रंजीत बालकृष्णन मलयालम सिनेमा के एक बड़े नाम हैं, जिन्होंने 'देवासुरम', 'आराम थम्पुरान' और 'नरसिम्हम' जैसी सुपरहिट फिल्मों की पटकथा लिखी है । वह 'रावणप्रभु', 'नंदनम' और 'प्रांचीयेट्टन एंड द सेंट' जैसी फिल्मों के निर्देशक भी हैं और केरल राज्य चलचित्र अकादमी के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं ।
यह पहला मौका नहीं है जब उन पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगे हों। इससे पहले 2024 में बांग्ला अभिनेत्री ने उन पर 2009 में फिल्म 'पालेरी माणिक्यम' के ऑडिशन के दौरान अनुचित व्यवहार करने का आरोप लगाया था । इसके अलावा, उसी वर्ष एक अन्य व्यक्ति ने भी उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इन पुराने आरोपों के बाद ही उन्हें केरल राज्य चलचित्र अकादमी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना पड़ा था ।
अभियोजन पक्ष ने किया जमानत का जोरदार विरोध
कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने जमानत का जोरदार विरोध करते हुए तर्क दिया कि निर्देशक जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि इस मामले में गवाह फिल्मों में काम करने वाले लोग हैं और ऐसे में अगर आरोपी बाहर आ गया, तो वह उन्हें प्रभावित या धमका सकता है।
वहीं रंजीत के वकील ने इन आरोपों को निजी दुश्मनी का नतीजा बताया। निर्देशक ने दावा किया कि उन्होंने शिकायतकर्ता अभिनेत्री के अभिनय में कमियां बताई थीं और उनके सीन काट दिए थे, जिसके चलते उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराया गया है। उनके वकील ने यह भी कहा कि आरोपों से इनकार करने का मतलब जांच में असहयोग करना नहीं है।
उल्लेखनीय है कि केरल के मंत्री साजी चेरियन ने इस मामले को लेकर कहा है कि सरकार और पुलिस पीड़िता के साथ हैं और रंजीत को किसी तरह की संरक्षण नहीं दिया जाएगा ।