कर्नाटक के चिकमगलूर से गुरुवार दोपहर करीब 2:30 बजे एक बेहद विचलित करने वाली घटना सामने आई। संथे मैदान में एक परिचित नाबालिग मुस्लिम लड़की के साथ खड़े होकर बातचीत करने पर एक दलित युवक को मुस्लिम युवकों के एक समूह ने बिना किसी उकसावे के बुरी तरह पीट दिया। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि हमले में शामिल अन्य पांच लोगों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
तीन आरोपी गिरफ्तार, बाकी की तलाश जारी
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान शहर के ही रहने वाले नयाज, तबरेज और हनीफ के रूप में हुई है। चिकमगलूर नगर पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है और फरार पांच अन्य युवकों को पकड़ने के लिए लगातार दबिश दे रही है।
महज बातचीत करने पर कर दिया हमला
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, नाबालिग मुस्लिम लड़की कॉलेज खत्म होने के बाद संथे मैदान में अपने परिचित दलित लड़के के साथ खड़ी होकर बात कर रही थी। तभी आठ मुस्लिम युवकों के एक समूह की नजर उन पर पड़ी। वे दोनों के पास पहुंचे और उनसे पूछताछ करने लगे। यह बेवजह की बहस जल्द ही शारीरिक हमले में बदल गई।
अचानक हुए इस हंगामे से डरकर लड़की वहां से चली गई, लेकिन युवकों ने मोरल पुलिसिंग (नैतिक पहरेदारी) करते हुए दलित लड़के को अपना निशाना बनाया। उन्होंने मारपीट शुरू करने से पहले उस पर सवाल दागे, "तुम इस लड़की के साथ क्यों हो?"
एट्रोसिटी एक्ट (SC/ST Act) के तहत मामला दर्ज
इस घटना को लेकर चिकमगलूर नगर पुलिस स्टेशन में आठों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने इन पर दंगा करने, मारपीट करने और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत गंभीर धाराएं लगाई हैं। गौरतलब है कि दलित लड़के और मुस्लिम लड़की दोनों के परिवार एक-दूसरे से भली-भांति परिचित हैं और दोनों युवा आपस में दोस्त हैं।
जिला पुलिस अधीक्षक ने लिया सख्त संज्ञान
घटना की सूचना मिलते ही जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) जितेंद्र कुमार दायमा ने मामले की विस्तृत जानकारी लेने के लिए चिकमगलूर नगर पुलिस स्टेशन का दौरा किया। उन्होंने सख्त लहजे में स्पष्ट किया कि शहर में किसी भी तरह की मोरल पुलिसिंग को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आरोपियों के खिलाफ हो रही त्वरित कार्रवाई पर जोर देते हुए एसपी ने कहा, "हम फरार चल रहे बाकी आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लेंगे।"