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Tamil Nadu Elections 2026: दो वर्ष पूर्व हुई BSP स्टेट चीफ आर्मस्ट्रोंग की हत्या, अब पत्नी पोरकोडी AIADMK से लड़ रहीं चुनाव!

चेन्नई- तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए AIADMK ने अपनी अंतिम उम्मीदवार सूची जारी की जिसमें बहुजन समाज पार्टी (BSP) तमिलनाडु इकाई के प्रमुख रहे के. आर्मस्ट्रांग की पत्नी ए. पोरकोडी को चेन्नई की थिरु.वी.का. नगर की आरक्षित सीट से पार्टी का उम्मीदवार बनाया गया है। पोरकोडी अब चुनावी मैदान में उतरकर अपने पति की हत्या के लिए न्याय की मांग को जन-जन तक पहुंचाने की तैयारी कर रही हैं। आपको बता दें , पोरकोडी ने 5 जुलाई 2025 को अपने पति की पहली पुण्यतिथि पर नई राजनीतिक पार्टी ‘तमिल मनीला बहुजन समाज’ (TMBSP) की शुरुआत की थी ।

टिकट मिलने के बाद पोरकोडी ने कहा, “यह चुनाव मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। मुझे अपने पति की हत्या का न्याय चाहिए और मैं इस लड़ाई को लगातार लड़ रही हूं। एडप्पादी पलानीस्वामी जी का समर्थन मिलने से मुझे विश्वास है कि मैं इस सीट पर भारी मतों से जीत हासिल करूंगी। विधानसभा पहुंचकर मैं अपने पति के मामले को और मजबूती से उठाऊंगी।” उनका कहना है कि यह चुनाव उनके लिए सिर्फ राजनीतिक जीत नहीं, बल्कि अपने पति की आत्मा को शांति दिलाने की लड़ाई है।

फिल्मकार पी. रंजीत ने भी पोरकोडी को समर्थन दिया है। उन्होंने अपने नीलम कल्चरल सेंटर के माध्यम से आर्मस्ट्रांग की विरासत को आगे बढ़ाने और न्याय की लड़ाई को मजबूत बनाने की बात कही।

मर्डर की वो रात जिससे हिल गया तमिलनाडु

के. आर्मस्ट्रांग एक वकील, मजबूत दलित नेता और सामाजिक कार्यकर्ता थे जिनकी 5 जुलाई 2024 को चेन्नई के पेरांबुर इलाके में उनके निर्माणाधीन घर के पास कुल्हाड़ी से काटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी, 6-8 बाइक सवार हमलावरों ने फूड डिलीवरी एजेंट के वेश में कुल्हाड़ी से हमला किया था। यह हत्या गिरोहवार (gang rivalry) मानी जा रही है, जिसमें पुलिस ने मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस वारदात ने पूरे राज्य में सियासी हलचल मचा दी थी। मुख्य आरोपी पोन्नई बालू (अर्कोट सुरेश का भाई) ने आत्मसमर्पण किया। यह हत्या 2023 में हुई सुरेश की हत्या का बदला बताई जा रही है।

 30 से अधिक आरोपियों के खिलाफ 7,000 से अधिक पन्नों की चार्जशीट दायर की गई है। एक आरोपी थिरुवेंगदम का एनकाउंटर किया गया। न्याय की लड़ाई में पोरकोडी ने कोई कसर नहीं छोड़ी। हाल ही में फरवरी में, मद्रास हाईकोर्ट ने पोरकोडी की याचिका पर सुनवाई करते हुए 12 आरोपियों को दी गई जमानत को रद्द कर दिया था । हालांकि मार्च की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले पर रोक लगा दी है । अदालती लड़ाई अभी भी जारी है, और पोरकोडी का कहना है कि विधानसभा पहुंचकर वह इस मामले को और मजबूती से उठाएंगी।

‘तमिल मनीला बहुजन समाज’ (TMBSP) को तमिलनाडु में पहली दलित महिला द्वारा स्थापित बहुजन पार्टी के रूप में देखा जाता है।

बसपा से क्यों हुई दूर

पति की हत्या के बाद पोरकोडी को BSP का तमिलनाडु कोऑर्डिनेटर बनाया गया था, लेकिन बाद में पार्टी में आंतरिक कलह और राज्य अध्यक्ष पी आनंदन के साथ मतभेदों के बाद उन्हें अप्रैल 2025 में इस पद से हटा दिया गया। मायावती ने कहा था कि पोरकोडी को अपने परिवार और आर्मस्ट्रांग की हत्या की CBI जांच पर ध्यान देना चाहिए, न कि पार्टी के मामलों में। इस फैसले से पोरकोडी और उनके समर्थकों में नाराजगी थी, क्योंकि उन्हें लगता था कि BSP ने उनके पति की विरासत को दरकिनार किया।

इसके बाद जुलाई 2025 में उन्होंने 'तमिल मानीला बहुजन समाज कट्ची' नाम से अपनी नई पार्टी की घोषणा की। पार्टी बनाने पर पोरकोडी ने कहा, “आर्मस्ट्रांग का सपना था कि दलित और वंचित समुदायों की आवाज को तमिलनाडु में बुलंद किया जाए। मैं उसी सपने को पूरा करने के लिए ‘तमिल मनीला बहुजन समाज’ शुरू कर रही हूं।” उन्होंने इस पार्टी को दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के लिए एक मंच बताया, जो तमिलनाडु की क्षेत्रीय पहचान के साथ बहुजन आंदोलन को जोड़ेगा। अब AIADMK के साथ गठबंधन में उन्हें 'दो पत्तियों' के निशान पर चुनाव लड़ने का मौका मिला है।


पोरकोडी की उम्मीदवारी को सिर्फ राजनीतिक दलों का ही नहीं, बल्कि कला और सिनेमा जगत के दिग्गजों का भी समर्थन मिल रहा है। प्रसिद्ध फिल्म निर्माता पी. रंजीत ने पोरकोडी को खुला समर्थन दिया है। रंजीत, जो अपनी फिल्मों में दलित-विमर्श के लिए जाने जाते हैं, ने अपने नीलम कल्चरल सेंटर के माध्यम से आर्मस्ट्रांग की विरासत को आगे बढ़ाने और न्याय की लड़ाई को मजबूत करने की बात कही है।

दलित अधिकार कार्यकर्ता शालिनी मारिया लॉरेंस ने भी सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों से पोरकोडी के समर्थन में आवाज उठाई है। शालिनी ने पोरकोडी के संघर्ष को "एक माँ और पत्नी की जंग" बताते हुए जनता से उन्हें वोट करने की अपील की है। लॉरेंस कहती हैं पोरकोडी चुनाव लड़ने वाली पहली दलित बुद्दिस्ट महिला हैं और इस वजह से बौध और दलित समुदाय में हर्ष की लहर है।

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल को होने हैं। AIADMK ने चेन्नई की कई सीटों के लिए उम्मीदवार घोषित किए हैं और पोरकोडी की उम्मीदवारी को दलित अधिकारों तथा न्याय की मांग से जोड़कर देखा जा रहा है। पोरकोडी का चुनावी डेब्यू उनके पति की याद में एक भावुक कदम माना जा रहा है।

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