आंध्र प्रदेश: पुलिस हिरासत में मौत के बाद परिजनों ने हाईवे किया जाम, 15 दिन का अल्टीमेटम

01:58 PM Jul 17, 2026 | Rajan Chaudhary

आंध्र प्रदेश: नेल्लोर के मनुबोलू नेशनल हाईवे पर बुधवार शाम अचानक हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए। यहां पुलिस हिरासत में अपनी जान गंवाने वाले यदुकोंडालू के परिजनों और रिश्तेदारों ने जमकर बवाल काटा। इंसाफ की गुहार लगाते हुए उन्होंने शव को एक ट्रक पर रखा और पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़क को पूरी तरह से जाम कर दिया।

इस उग्र प्रदर्शन में जल्द ही वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के नेता और दलित संगठनों के पदाधिकारी भी शामिल हो गए। इसके चलते हाईवे पर कई घंटों तक लंबा जाम लगा रहा। स्थिति को काबू में करने और यातायात सुचारू करने के लिए सैकड़ों की संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात करना पड़ा। इस दौरान आक्रोशित परिजनों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।

वाईएसआरसीपी नेताओं ने पुलिस प्रशासन पर संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि यदुकोंडालू की मौत कोई हादसा नहीं है। उनका सीधा आरोप था कि सब-इंस्पेक्टर (एसआई) हनीफ और कांस्टेबल माधव ने उसकी बेरहमी से पिटाई की और उसे प्रताड़ित किया। उन्होंने इन दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग उठाई है।

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इस भारी विरोध प्रदर्शन में पूर्व मंत्री और वाईएसआरसीपी के जिला अध्यक्ष काकानी गोवर्धन रेड्डी, तिरुपति के सांसद मद्दीला गुरुमूर्ति, एमएलसी मेरिगा मुरलीधर और पूर्व विधायक किलिवेटी संजीवैया मुख्य रूप से मौजूद थे। पुलिस के रवैये पर भारी नाराजगी जताते हुए काकानी गोवर्धन रेड्डी शव के पास ही सड़क पर धरने पर बैठ गए। पीड़ित परिवार की तरफ से उन्होंने सरकार से एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि, परिवार के एक सदस्य के लिए सरकारी नौकरी और आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी सजा की मांग रखी।

मामले को तूल पकड़ता देख आला पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को न्याय का पक्का भरोसा दिलाया। इस ठोस आश्वासन के बाद वाईएसआरसीपी कार्यकर्ताओं ने हाईवे से अपना धरना खत्म कर दिया। हालांकि, पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर अगले 15 दिनों के भीतर यदुकोंडालू की मौत के जिम्मेदार लोगों पर एक्शन नहीं लिया गया, तो उनका अगला कदम बेहद उग्र होगा।

दूसरी ओर, इस पूरे मामले में कांग्रेस पार्टी ने भी कड़ा रुख अपनाया है। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष नारापारेड्डी किरण कुमार रेड्डी ने इस घटना की तुरंत न्यायिक जांच कराने की मांग की है। उन्होंने पुलिस पर कई अहम तथ्य छिपाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह घटना सीधे तौर पर कस्टोडियल डेथ (हिरासत में मौत) की ओर इशारा करती है। उन्होंने भी शोकाकुल परिवार को तत्काल एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की जोरदार वकालत की है।