मिशन 2027 से पहले मायावती का बड़ा सियासी दांव: सतीश चंद्र मिश्रा को सौंपी मीडिया, लीगल और चुनाव आयोग की कमान

04:52 PM Aug 20, 2026 | Rajan Chaudhary

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा को मंगलवार को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। वरिष्ठ नेता अब पार्टी के लिए मीडिया प्रबंधन, कानूनी मसलों और चुनाव आयोग से जुड़े मामलों की निगरानी करेंगे।

आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर बसपा सुप्रीमो ने मिश्रा की भूमिका को काफी अहम बताया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए उन्होंने लिखा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्रा लंबे समय से राष्ट्रीय महासचिव, वरिष्ठ अधिवक्ता, बसपा सरकार में यूपी के एडवोकेट जनरल, कई बार उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के अध्यक्ष, कैबिनेट मंत्री और कई बार राज्यसभा सांसद रहे हैं। अब उन्हें कानूनी, मीडिया और चुनाव आयोग से संबंधित महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जो आने वाले चुनावों में कई तरह से निर्णायक भूमिका निभाएंगी।

पार्टी में मिश्रा का कद बढ़ाने का यह फैसला बसपा सरकार में पूर्व मंत्री रहे ब्राह्मण नेता अनंत कुमार मिश्रा उर्फ 'अंटू मिश्रा' को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित किए जाने के ठीक चार दिन बाद आया है।

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साल 2027 के लिए ब्राह्मण मतों को एकजुट करने की कोशिशों के बीच अंटू मिश्रा के निष्कासन के बाद पार्टी की मंशा पर सवाल उठने लगे थे। हालांकि, इसके अगले ही दिन मायावती ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा था कि जिन नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया गया है, उन्होंने पार्टी को फायदे के बजाय नुकसान पहुंचाया और वे अपनी बिरादरी के लोगों को भी संगठन से जोड़ने में नाकाम रहे।

सतीश चंद्र मिश्रा का दायरा बढ़ाकर बसपा नेतृत्व ने उत्तर प्रदेश के ब्राह्मण समाज को स्पष्ट संकेत दिया है कि उन्हें पार्टी में पूरी तरजीह दी जा रही है।

गौरतलब है कि 2022 के विधानसभा चुनाव से पूर्व प्रदेश भर में 'प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलनों' के आयोजन की कमान सतीश चंद्र मिश्रा के ही हाथों में थी। वर्ष 2022 के बाद से वह चुनावी मोर्चे पर भले ही पहले जैसे सक्रिय न दिखे हों, लेकिन पार्टी के कानूनी कामकाज की देखरेख वही करते रहे हैं। अब इस नए दायित्व के साथ वह संगठन में एक बार फिर मुख्य भूमिका में लौट आए हैं।