जम्मू-कश्मीर: किश्तवाड़ जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां एक सरकारी स्कूल के हेडमास्टर ने कई महीनों तक एक नाबालिग आदिवासी छात्रा के साथ कथित तौर पर दरिंदगी की। इस अमानवीय कृत्य के कारण वह सात महीने की गर्भवती हो गई। बाद में गर्भपात की एक नाकाम कोशिश और मृत बच्चे के जन्म के बाद हालत बिगड़ने से इस मासूम बच्ची ने दम तोड़ दिया।
गुरुवार देर रात इस नाबालिग की मौत की खबर जैसे ही उसके गांव पहुंची, लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। शुक्रवार सुबह तक यह आक्रोश जिले के अलग-अलग हिस्सों में फैल गया और स्थानीय लोगों ने जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। नमाज के बाद सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग की है।
किश्तवाड़ के एसएसपी नरेश सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कड़ी कार्रवाई की पुष्टि की है। पुलिस ने मुख्य आरोपी हेडमास्टर और उसके उस भाई को गिरफ्तार कर लिया है, जो लड़की को गर्भपात और डिलीवरी के लिए अलग-अलग जगह ले जाने में शामिल था।
एसएसपी के अनुसार, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की गहन जांच जारी है। शिक्षा विभाग ने भी कड़ा कदम उठाते हुए आरोपी हेडमास्टर को निलंबित कर दिया है और विभागीय जांच बिठा दी है।
इस भयावह घटना का खुलासा तब हुआ जब करीब पंद्रह दिन पहले लड़की को पेट में तेज दर्द उठा। एक स्थानीय आदिवासी नेता ने बताया कि जब बच्ची को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, तो वहां जांच में उसके गर्भवती होने की बात सामने आई। इसके बाद डरी-सहमी बच्ची ने अपने माता-पिता को हेडमास्टर की करतूत के बारे में बताया।
जब आरोपी को इसका पता चला, तो उसने परिवार को पैसे का लालच दिया और चुप रहने की धमकी दी। सामाजिक बदनामी के डर से लड़की के पिता उस वक्त पुलिस के पास नहीं जा सके। स्थानीय लोगों के अनुसार, बुधवार को आरोपी और उसका भाई दोबारा लड़की के घर पहुंचे और उसे गर्भपात के लिए किश्तवाड़ के एक केंद्र पर ले गए। उनके साथ लड़की के पिता और एक चाचा भी गाड़ी में मौजूद थे।
मेडिकल चेकअप के बाद लड़की को पास के एक कस्बे में रेफर कर दिया गया, जहां सर्जरी के जरिए मृत बच्चे का जन्म हुआ। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि गर्भपात और डिलीवरी के लिए लड़की को किन स्वास्थ्य केंद्रों पर ले जाया गया था। सूत्रों के अनुसार, डिलीवरी के दौरान लड़की की हालत काफी बिगड़ गई थी।
Heartbreaking news from #Kishtwar
— Harry (@404_gracefully) August 21, 2026
A minor girl, allegedly impregnated by her teacher, has died during an abortion. Locals staged late-night protests demanding strict action. Police say investigation is underway & accused has been arrested #Doomedpic.twitter.com/R3jLFLAskI
ऐसे में आरोपी और उसका भाई उसे और मृत जन्मे बच्चे को लेकर जम्मू की ओर निकल पड़े। रास्ते में उधमपुर के पास गुरुवार रात लड़की ने हमेशा के लिए अपनी आंखें मूंद लीं। इसके बाद आरोपियों ने एक निजी एम्बुलेंस की व्यवस्था की और दोनों शवों को वापस गांव भेज दिया। शव पहुंचते ही पूरे इलाके में कोहराम मच गया। शुक्रवार को उस कस्बे में पूर्ण रूप से बंद रखा गया, जिसके अंतर्गत यह गांव आता है।

कानूनी शिकंजा कसते हुए आरोपियों पर कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस ने बीएनएस की धारा 61(2) (आपराधिक साजिश), धारा 65(1) (नाबालिग से दुष्कर्म), धारा 90 (गर्भपात कराने के इरादे से मौत का कारण बनना), और धारा 92 (अजन्मे बच्चे की मौत का कारण बनना) के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा, दोनों आरोपियों पर पॉक्सो (POCSO) एक्ट की धारा 4, 6, 8, 10 और 17 भी लगाई गई हैं।