छतरपुर- मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के बड़ामलहरा सिविल अस्पताल/सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से एक महिला के शव को नगर परिषद के कचरा उठाने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली में ले जाने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
जानकारी के अनुसार रुखसाना खान 4 जुलाई से लापता थीं। 5 अगस्त को बड़ामलहरा थाना क्षेत्र के सूरजपुर रोड स्थित कचरे के ढेर में उनका शव मिला। पुलिस ने हत्या की आशंका जताई और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए बड़ामलहरा सिविल अस्पताल भेजा।
पोस्टमॉर्टम के बाद परिवार शव घर ले जाने के लिए मॉर्चरी वैन का इंतजार करता रहा। पति बबलेश अहिरवार के अनुसार घंटों इंतजार के बाद अस्पताल की तरफ से कचरा उठाने वाला ट्रैक्टर-ट्रॉली उपलब्ध कराया गया। परिवार ने प्लास्टिक शीट में लपेटकर शव को उसी वाहन में रखकर घर ले जाया।
छतरपुर के बड़ा मलहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शव को कचरा ढोने वाले वाहन से ले जाना बेहद शर्मनाक और संवेदनहीन व्यवस्था की तस्वीर है।
— Umang Singhar (@UmangSinghar) August 8, 2026
भाजपा सरकार में अस्पतालों की हालत ऐसी हो गई है कि जीते जी इलाज के लिए सुविधाएं नहीं और मृत्यु के बाद सम्मानजनक अंतिम व्यवस्था तक नहीं।… pic.twitter.com/WJuQD1aZzv
घटना का विडियो वायरल होने के बाद सरकारी अस्पतालों की बदहाली और सरकार की संवेदनहीनता पर सवाल उठने लगे। बड़ामलहरा ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) डॉ. हेमंत मरैया ने स्वीकार किया है कि अस्पताल में समर्पित शव वाहन उपलब्ध नहीं है। उन्होंने बताया कि जिला स्तरीय बैठकों और डिस्ट्रिक्ट हेल्थ सोसाइटी में कई बार मांग की जा चुकी है, लेकिन बजट या संबंधित स्वीकृति न मिलने के कारण वाहन नहीं मिल सका। अस्पताल नगर परिषद के वाहनों पर निर्भर रहता है।
छतरपुर कलेक्टर मृणाल मीणा ने कहा कि सीएमएचओ और एसडीएम की जांच के आधार पर स्थानीय बीएमओ के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की गई है। साथ ही यह भी जांच चल रही है कि शव वाहन उपलब्ध था या नहीं, कौन ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर आया और अन्य कोई लापरवाही हुई या नहीं। जिला मुख्यालय पर शासन की ओर से दो शव वाहन उपलब्ध बताए गए हैं।
मीडिया से बात करते हुए मृतका के पति बबलेश अहिरवार ने कहा, “हर व्यक्ति को गरिमा चाहिए, अगर जीवन में नहीं तो कम से कम मृत्यु के बाद उसके शव का आदर होना चाहिए। पत्नी का शव कचरा वाहन में ले जाना बहुत पीड़ादायक था।”
इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी स्वास्थ्य और शव परिवहन सुविधाओं की कमी को उजागर किया। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार एयर एंबुलेंस जैसी सेवाओं का विस्तार कर रही है, लेकिन कई सरकारी अस्पतालों में शव वाहन जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव जारी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होने की उम्मीद है। पुलिस रुखसाना खान की मौत की हत्या केस में जांच जारी रखे हुए है।
मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने उमंग सिंघार ने घटना को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, " छतरपुर के बड़ा मलहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शव को कचरा ढोने वाले वाहन से ले जाना बेहद शर्मनाक और संवेदनहीन व्यवस्था की तस्वीर है। भाजपा सरकार में अस्पतालों की हालत ऐसी हो गई है कि जीते जी इलाज के लिए सुविधाएं नहीं और मृत्यु के बाद सम्मानजनक अंतिम व्यवस्था तक नहीं। स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एयर एम्बुलेंस जैसे बड़े-बड़े दावे करने वाली भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री बताएँ, क्या यही है प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं का मॉडल?"