उत्तर प्रदेश: गाजियाबाद जिले से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां दुष्कर्म के एक आरोपी को जेल से जमानत पर छूटने के बाद उसके समर्थकों द्वारा किसी नायक की तरह भव्य विदाई और स्वागत दिया गया। मंगलवार (19 मई, 2026) को सोशल मीडिया पर इस जश्न का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है और विपक्षी दलों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आरोपी का फूल-मालाओं से स्वागत किया जा रहा है और उसके समर्थक उसे कंधों पर उठाकर विजय जुलूस निकाल रहे हैं। यह वीडियो हिंदू संगठन 'हिंदू युवा वाहिनी' की गाजियाबाद इकाई के पूर्व प्रमुख सुशील प्रजापति का बताया जा रहा है।
सुशील पर एक एलएलबी छात्रा के साथ दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप है, जिसके चलते वह पिछले आठ महीनों से जेल में बंद था। अदालत से जमानत मिलने के बाद 17 मई को जैसे ही वह डासना जेल से बाहर आया, उसके समर्थकों ने इस जश्न को अंजाम दिया।
जिस अपनी वाहिनी की भूरी-भूरी प्रशंसा प्रदेश के मुख्यमंत्री जी ने अभी हाल में ही की थी, उस वाहिनी के ‘बलात्कार के आरोपी’ एक बड़े पदाधिकारी की जमानत होने पर, जिस तरह उसका पुष्प वर्षा व माल्यार्पण से स्वागत हुआ है, उससे निंदनीय और कुछ नहीं हो सकता।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 19, 2026
लगता है माननीय अगला चुनाव… pic.twitter.com/OwS2cbBtZP
अखिलेश यादव ने जताया कड़ा विरोध
इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस पर बेहद कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल 'एक्स' पर इस वीडियो को साझा करते हुए लिखा कि दुष्कर्म के आरोपी का इस तरह फूल बरसाकर और माला पहनाकर स्वागत करना अत्यंत निंदनीय है।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि आरोपी उस संगठन से ताल्लुक रखता है जिसकी तारीफ हाल ही में सूबे के मुख्यमंत्री ने बड़े स्तर पर की थी।
सपा प्रमुख ने सत्ता पक्ष पर तीखा तंज कसते हुए आगे कहा कि ऐसा प्रतीत होता है जैसे माननीय अपने कट्टर समर्थकों को आगामी चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ाने की तैयारी में जुटे हैं। उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि अब कल यही दुष्कर्म का आरोपी जमानत पर बाहर आकर 'महिला आरक्षण' के समर्थन में नारे लगाता हुआ दिखाई देगा। अखिलेश यादव ने इसे भाजपा और उससे जुड़े संगठनों का मूल चरित्र करार दिया।
कांग्रेस ने बताया सभ्य समाज के लिए खतरा
दूसरी तरफ, कांग्रेस पार्टी ने भी इस मामले को लेकर दक्षिणपंथी ताकतों और सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव शाहनवाज आलम ने इस घटना पर बयान जारी करते हुए कहा कि किसी गंभीर अपराध के आरोपी का इस तरह सरेआम स्वागत करना न केवल एक सभ्य समाज को शर्मसार करता है, बल्कि यह एक बेहद खतरनाक प्रवृत्ति की ओर इशारा कर रहा है जिसके परिणाम काफी दूरगामी हो सकते हैं।
शाहनवाज आलम ने आरोप लगाया कि यह चरमपंथी ताकतों के उस बड़े एजेंडे का हिस्सा है, जिसके तहत समाज को एक हिंसक भीड़ में तब्दील करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में यह पहली बार देखा जा रहा है जब इस तरह के असामाजिक तत्व बिना किसी डर या कानून के खौफ के खुलेआम जश्न मना रहे हैं।
कांग्रेस नेता के अनुसार, यह साफ तौर पर दिखाता है कि इन तत्वों को राज्य की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार का पूरा मूक समर्थन प्राप्त है।