सरकार की आलोचना करने वाले कंटेंट क्रिएटर्स के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कार्रवाई के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। अब इस कड़ी में दलित रेशनलिस्ट कंटेंट क्रिएटर दीपक कुमार उर्फ ‘दीपक डायलॉग्स’ का इंस्टाग्राम अकाउंट भी बीते एक माह पूर्व सस्पेंड कर दिया गया।
दीपक कुमार, जिनके अकाउंट पर करीब 1.6 लाख फॉलोअर्स और मासिक पहुंच लगभग 1.4 करोड़ थी, ने गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की आलोचना करते हुए एक वीडियो अपलोड किया था। वीडियो में उन्होंने गोवा में भाजपा काउंसलर के बेटे सोहम नाइक पर लगे सेक्स स्कैंडल मामले में मुख्यमंत्री और सरकार की कथित चुप्पी पर सवाल उठाया था। इसके बाद बिना किसी पूर्व सूचना के उनका अकाउंट भारत में सस्पेंड कर दिया गया। दीपक का आरोप है कि गोवा पुलिस की शिकायत पर मेटा ने उनका अकाउंट बंद किया।
दीपक कुमार ने मार्च महीने में वह वीडियो अपलोड किया था, जब गोवा में भाजपा काउंसलर के बेटे सोहम नाइक पर लगे सेक्स स्कैंडल के आरोपों को लेकर आम जनता में काफी आक्रोश था। उन्होंने वीडियो में गोवा सरकार और मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की चुप्पी पर सवाल उठाया था। दीपक ने कहा कि उस समय ग्लोबली Epstein Files की चर्चा चल रही थी, इसलिए उन्होंने उदाहरण स्वरुप इसका जिक्र किया। उन्होंने सीएम पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया कि पहले वे जन मुद्दों पर प्रदर्शन करते थे, लेकिन इस मामले में चुप रहे।
वीडियो में कुछ नेताओं को “निकम्मे नेता” कहने पर विवाद बढ़ गया। बहुजन लाइव्स मैटर से बातचीत में दीपक ने बताया कि “निकम्मा” शब्द आलोचना था, न कि गाली। इसके बावजूद 8 अप्रैल को बिना किसी पूर्व सूचना, ईमेल या नोटिस के उनका इंस्टाग्राम अकाउंट भारत में सस्पेंड कर दिया गया। दीपक ने बताया कि मेटा ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि गोवा पुलिस की कम्युनिकेशन के बाद यह कार्रवाई की गई।
आज मुझे गोवा पुलिस घर से अपने साथ गोवा ले जाने के लिए आई थी क्यों थी की मैंने गोवा के चीफ मिनिस्टर प्रमोद सावंत के ख़िलाफ़ कुछ ग़लत बोला है लकिन क्या ग़लत बोला है वो उन्हें ख़ुद नहीं पता !!!
— Deepak Kumar (@deepakdialogues) May 18, 2026
ये तानाशाही कितने लोगो की जान लेकर रहेगी. pic.twitter.com/QGHDCmMiM2
गोवा CID साइबर क्राइम की नोटिस में अकाउंट पर “आपत्तिजनक/मानहानिकारक कंटेंट” पोस्ट करने का आरोप लगाया गया और BNS की धारा 353 तथा 356 का हवाला दिया गया। नोटिस में मेटा को अकाउंट डिसेबल करने और नए अकाउंट बनाने से रोकने के लिए डिवाइस और फोन नंबर ब्लैकलिस्ट करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा गोवा क्राइम ब्रांच ने BNSS की धारा 35(3) के तहत दीपक को गोवा में पूछताछ के लिए बुलाया।
दीपक के अनुसार, नोटिस पर पेश होने से पहले ही गोवा पुलिस दिल्ली पहुंच गई, जहां वे मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए दोस्त के घर ठहरे हुए थे। पुलिस ने न सिर्फ उनके फोन, बल्कि नियमित संपर्क में रहने वालों के फोन भी ट्रेस कर लिए। दीपक ने कहा कि वे स्वास्थ्य कारणों से तुरंत 2000 किलोमीटर की यात्रा नहीं कर सकते थे। वकील से बात करने के बाद पुलिस चली गई।
इस घटना के बाद दीपक को धमकियां भी मिलीं। उन्होंने कहा कि अकाउंट बंद होने से उनकी आजीविका बुरी तरह प्रभावित हुई है। एक वीडियो हटाने के बजाय पूरा अकाउंट सस्पेंड करना उनकी कमाई का साधन छीनने जैसा है। दीपक कुमार ने अब दिल्ली हाईकोर्ट में रिट पेटिशन दायर कर अकाउंट सस्पेंशन को चुनौती दी है और आगे की कानूनी कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।