मेरठ हत्याकांड: खड़गे का बीजेपी पर तीखा प्रहार, बोले- 'डबल इंजन सरकार का दलित विरोधी चेहरा हुआ बेनकाब'

04:27 PM Jul 10, 2026 | Rajan Chaudhary

उत्तर प्रदेश: मेरठ जिले में एक दलित छात्रा की निर्मम हत्या ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस जघन्य अपराध को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भारतीय जनता पार्टी पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने बीजेपी की 'डबल इंजन' सरकार को दलित और महिला विरोधी करार देते हुए कहा कि सत्ता के नशे में यह सरकार न्याय मांगने वालों की आवाज को कुचलने का काम कर रही है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, ललिता गौतम नामक यह युवती बीते 15 मई को मेरठ के टीपी नगर इलाके से अचानक लापता हो गई थी। दो दिन बाद, 17 मई को रोहता इलाके में उसका शव बरामद हुआ। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 18 मई को मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद सबूत मिटाने के आरोप में एक अन्य व्यक्ति को भी पकड़ा गया। पुलिस का कहना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी है, इस हत्याकांड में कुछ अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई है।

इस घटना के विरोध में बुधवार को मेरठ के कमिश्नरी चौराहे पर भारी संख्या में लोग इकट्ठा हुए थे। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बिना अनुमति के मुख्य सड़क को जाम कर दिया था। स्थिति तब बेकाबू हो गई जब भीड़ ने जिलाधिकारी कार्यालय का मुख्य गेट तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की। बार-बार चेतावनी देने के बावजूद लोग वहां से नहीं हटे और उन्होंने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों पर हमला कर दिया।

Trending :

इस हिंसक झड़प में 11 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा 30 से अधिक लोगों के खिलाफ गैरकानूनी रूप से जमा होने और पुलिस पर जानलेवा हमला करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। इनमें से 25 से ज्यादा लोग अज्ञात बताए जा रहे हैं। पुलिस का यह भी दावा है कि आयोजकों में से एक ने दबाव बनाने के लिए आत्मदाह तक की धमकी दी थी।

वहीं, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट लिखते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया। खड़गे ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि साल 2013 से 2024 के बीच देश में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 42.6 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। इसी अवधि में अनुसूचित जाति (एससी) के खिलाफ होने वाले अपराध भी करीब 41 फीसदी तक बढ़ गए हैं।

खड़गे ने इन आंकड़ों की भयावहता को समझाते हुए दावा किया कि देश में हर दो घंटे तीन मिनट में एक अनुसूचित जाति की महिला के साथ दुष्कर्म होता है। इसका सीधा अर्थ यह है कि भारत में रोजाना 12 दलित महिलाएं इस खौफनाक दरिंदगी का शिकार हो रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये महज़ कुछ आंकड़े नहीं हैं, बल्कि बीजेपी शासन में महिलाओं और वंचितों के बीच बढ़ती असुरक्षा का जीता-जागता सबूत हैं।

कांग्रेस नेता ने पुलिसिया कार्रवाई और सरकार की नीयत पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस के प्रतिनिधि पीड़ित परिवार का दर्द बांटने पहुंचते हैं, तो उन्हें नजरबंद कर दिया जाता है या लाठियों के जोर पर रोक दिया जाता है। सरकार पर सच्चाई छिपाने का आरोप लगाते हुए खड़गे ने हाथरस और उन्नाव जैसे पुराने मामलों की भी याद दिलाई, जहां सत्ता से जुड़े लोगों को बचाने के आरोप लगे थे।

अपने बयान के अंत में खड़गे ने चेतावनी देते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को लाठियां नहीं बल्कि न्याय चाहिए। उन्होंने दोषियों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की। कांग्रेस अध्यक्ष ने साफ शब्दों में कहा कि दलितों, शोषितों और वंचितों की यह उठती हुई आवाज बहुत जल्द सत्ता के अहंकार को चकनाचूर कर देगी और मौजूदा सरकार को सत्ता की गद्दी से उखाड़ फेंकेगी।