"अम्बेडकर के विचारों पर चलना इतना..." 14 साल की दलित कंटेंट क्रिएटर को खुलेआम रेप थ्रेट! क्यों बन गई ऑनलाइन टारगेट, पूरी खबर पढ़ें

02:05 PM Jul 01, 2026 | Geetha Sunil Pillai

दिल्ली- मात्र 14 साल की दलित सोशल मीडिया क्रिएटर निशु आजाद को रेप की खुली धमकियां मिल रही हैं। इससे पहले CJP के जंतर मंतर प्रदर्शन में उनके पिता पर संगठित हमला कर कड़े से सिर फाड़ दिया गया, तीन जगहों पर टांके लगे। निशु ट्रॉमा में हैं और परिवार न्याय व सुरक्षा की गुहार लगा रहा है। निशु आजाद CJP आंदोलन में सक्रिय थी। उन्होंने और उनके पिता ने अपने आप को हिंदू धर्म से अलग बताया था। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वे खुद को हिंदू नहीं मानते। यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद रूढ़िवादी समूहों में भारी आक्रोश फैल गया। इसके बाद ऑनलाइन ट्रोलिंग शुरू हुई और फिर फिजिकल अटैक हो गया।

23 जून को जंतर मंतर पर निशु के पिता वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे। तभी करीब 15 लोगों के गिरोह ने हमला बोल दिया। एक हमलावर ने कैमरा मारा और फिर कड़ा निकालकर सिर पर बार-बार वार किए। सिर के तीन हिस्सों में गहरी चोटें आईं।

हमले के बाद निशु आजाद ने भावुक वीडियो जारी कर आरोपियों को पहचाना, जो हाई-सिक्योरिटी जोन में घूम रहे थे। उन्होंने कहा कि यह हमला उनके बयान और CJP प्रदर्शन में सक्रिय भूमिका के कारण किया गया।अब गौरव हिंदू समेत कुछ लोगों द्वारा निशु को लगातार रेप थ्रेट दी जा रही है।

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खुद निशु ने जून 30 को जारी एक वीडियो में दिल्ली पुलिस से मदद की गुहार की है। अपने वीडियो में निशु कहती हैं, " मैं ट्रोमा में जा रही हूँ, मैं 3 दिनों से यह सब टोलेरेट कर रही हूँ...लोग मुझे गालियां दे रहे हैं कि ज्यादा दिन लगता नहीं तू जियेगी...गौरव हिन्दू नाम से धमकी दे रहा है..जो मैं खुद के लिए बोलना नहीं चाहती हूँ..ऐसी ऐसी धमकियाँ दे रहा है"। बिलखते हुए निशु आगे कहती हैं, " मैं डर नहीं रही हूँ लेकिन मैं ट्रोमा में जा रही हूँ..क्या लोगो को सच दिखाना और सच बताना...आंबेडकर के विचारों पर चलना इतना भारी पड़ सकता है..इसपर पुलिस कोई एक्शन नहीं ले रही...।" अपनी बेबसी बयान करते हुए निशु कहती हैं कि वे क्या करे, किस किस पर एफ़आईआर दर्ज करवाए। निशु के इस वीडियो के बाद कई बहुजन हैंडल से इसके सपोर्ट में आवाजें उठ रही है। सोशल मीडिया यूजर नाबालिग को रेप थ्रेट और जातिवादी गालियां देने वाले आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं।

क्या कहता है कानून: रेप थ्रेट पर सख्त प्रावधान

भारतीय कानून नाबालिग बच्चों के साथ दुर्व्यवहार पर बेहद सख्त है। निशु आजाद जैसी 14 साल की नाबालिग दलित कंटेंट क्रिएटर को खुलेआम रेप थ्रेट देने वाले आरोपी पर कई गंभीर धाराएं लगाई जा सकती हैं।

नाबालिग (18 साल से कम उम्र) बच्चे को यौनिक धमकी या अपराध की कोशिश भी POCSO एक्ट के अंतर्गत आता है। रेप की धमकी देना सेक्शन 11 (यौनिक उत्पीड़न) और सेक्शन 12 के तहत दंडनीय है। सजा न्यूनतम 3 साल से लेकर 5 साल तक कैद और जुर्माना हो सकता है। अगर धमकी में यौनिक इरादा साफ है तो यह और गंभीर माना जाता है।

चूंकि निशु दलित समुदाय से हैं, इसलिए अगर धमकी में जातिगत अपमान या द्वेष शामिल है तो SC/ST एक्ट की धाराएं भी लगाई जा सकती हैं। यह एक्ट ऐसे अपराधों पर अतिरिक्त सुरक्षा और तेज़ सुनवाई प्रदान करता है।

सोशल मीडिया पर रेप थ्रेट देने पर भी कार्रवाई हो सकती है। पीड़ित या उनके अभिभावक थाने में लिखित शिकायत दे सकते हैं। दिल्ली पुलिस को तुरंत FIR दर्ज करनी चाहिए। POCSO मामलों में समयबद्ध जांच और चाइल्ड फ्रेंडली कोर्ट में सुनवाई होती है। सबूत के रूप में स्क्रीनशॉट, वीडियो, मैसेज और गवाह बयान महत्वपूर्ण हैं।