राजस्थान के अजमेर से एक बेहद खौफनाक और अमानवीय घटना सामने आई है। यहां एक 21 वर्षीय युवक का अपहरण कर उसके साथ बर्बरता की सारी हदें पार कर दी गईं। एक कथित सामुदायिक विवाद के चलते आरोपियों ने पीड़ित को पेड़ से बांधकर बुरी तरह पीटा। इतना ही नहीं, उसे जूतों और चप्पलों की माला पहनाई गई और जबरन पेशाब पिलाया गया।
इस खौफनाक घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। हरकत में आई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 12 घंटे के भीतर सभी नौ आरोपियों को रविवार को गिरफ्तार कर लिया।
पीड़ित की पहचान गेगल थाना क्षेत्र के बबाइचा निवासी 21 वर्षीय जीतू के रूप में हुई है। जीतू ने शनिवार देर शाम वीडियो के ऑनलाइन सर्कुलेट होने के बाद पुलिस में अपनी औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस ने इस मामले में नौ लोगों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है। पकड़े गए आरोपियों में 23 वर्षीय प्रकाश नाथ, 28 वर्षीय रविंदर नाथ, 23 वर्षीय राम लाल, 24 वर्षीय हेमराज, 22 वर्षीय गोरु नाथ, 20 वर्षीय विक्रम नाथ, 43 वर्षीय देवी लाल, 70 वर्षीय शायरी और 43 वर्षीय सुगना शामिल हैं।
अजमेर के एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने इस घटना को बेहद जघन्य, अमानवीय और क्रूर करार दिया है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया था, जिसने तेजी से कार्रवाई करते हुए महज 12 घंटों के भीतर सभी आरोपियों को धर दबोचा।
पुलिस के अनुसार, इस खौफनाक वारदात के पीछे की मुख्य वजह जीतू की एक तलाकशुदा महिला से शादी करना है। बताया जा रहा है कि महिला की पहली शादी बीर गांव के रहने वाले महेंद्र नामक व्यक्ति से हुई थी, जिससे तलाक लेने के बाद उसने जीतू को अपना जीवनसाथी चुन लिया।
महिला के पूर्व ससुराल वाले इस शादी से खफा थे और वे लोग स्थानीय 'नाता प्रथा' के तहत समझौते की मांग कर रहे थे। इस कुप्रथा के अनुसार, महिला के नए साथी को उसके पूर्व पति को हर्जाने के तौर पर पैसे देने होते हैं।
जीतू द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब 9 बजे वह एक अन्य व्यक्ति के साथ किसी फार्महाउस से लकड़ियां लेने गया था। इसी दौरान एक पिकअप ट्रक में सवार होकर आए कई आरोपियों ने उसे रास्ते में घेर लिया और जबरन गाड़ी में डालकर उसका अपहरण कर लिया।
अपहरण के बाद जीतू को श्रीनगर के बीर गांव ले जाया गया, जहां उसके साथ रोंगटे खड़े कर देने वाली यह अमानवीय क्रूरता शुरू हुई। जीतू ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि प्रताड़ित करने के साथ ही आरोपियों ने उससे पांच लाख रुपये की मांग की।
आरोपियों ने पीड़ित को धमकी दी कि वह पैसों के लिए अपने परिवार को फोन करे, वरना उसे और अधिक जलील किया जाएगा।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने समुदाय के लोगों में खौफ का माहौल पैदा करने के मकसद से इस अमानवीय कृत्य का वीडियो ऑनलाइन अपलोड किया था। इसके बाद पुलिस की विशेष टीम ने रविवार सुबह आरोपियों के घरों पर दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।