दिल्ली- गठन के तीन सप्ताह के भीतर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने तीन प्रवक्ताओं की घोषणा की और बुधवार को अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जिसमें भारी संख्या में मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रवक्ताओं विजेता दहिया, सौरव दास और आशुतोष रांका ने इस मौके पर 6 जून को जंतर मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन के बारे में जानकारी दी।
इधर, यूथ मूवमेंट के रूप में प्रचारित एक आन्दोलन में किसी भी महिला प्रवक्ता के नहीं होने से कई तरह के सवाल उठे जिसपर पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने ही सोशल मीडिया पोस्ट के जरिये सफाई दी। दीपके ने लिखा, " CJP में कोई महिला स्पोक्सपर्सन क्यों नहीं है? हमने अपनी महिला टीम मेंबर्स को यह रोल ऑफर किया था, लेकिन कई ने हमें बताया कि वे लगातार ऑनलाइन अटैक और धमकियों की वजह से सबसे आगे रहने के बजाय एक्टिव रूप से शामिल होना पसंद करेंगी। हम उनके फैसले का सम्मान करते हैं। इसके बावजूद, हम उन युवा महिलाओं को इनवाइट करना चाहेंगे जो इस मूवमेंट का हिस्सा बनना चाहती हैं और स्पोक्सपर्सन के तौर पर आगे आने को तैयार हैं।"
गौरतलब है कि कोकरोच जनता पार्टी द्वारा नियुक्त तीन प्रवक्ताओं में मुख्य प्रवक्ता की जिम्मेदारी इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट सौरव दास को सौंपी गई है। विजेता दहिया एक राजनीतिक शोधकर्ता, लेखक, फिल्म निर्माता और डीटीयू के पूर्व छात्र हैं तथा आशुतोष रांका आईआईटी कानपुर और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने लंदन में मैकिंजी एंड कंपनी के साथ काम किया और अब जयपुर में पर्यावरण, शिक्षा और युवा मुद्दों पर कई जन आंदोलनों का नेतृत्व कर चुके हैं।

कॉकरोच जनता पार्टी नीट (NEET-UG) परीक्षा में गड़बड़ियों और पेपर लीक, सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन के क्लास 12 एग्जाम के लिए नए ऑन-स्क्रीन मार्किंग इवैल्यूएशन सिस्टम में घोटाले आदि को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है।
प्रेस कांफ्रेंस में क्या बताया
कॉकरोच जनता पार्टी के तीनों युवा प्रवक्ताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सिस्टम में जवाबदेही की भारी कमी है। उन्होंने बताया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 8 लाख लोगों ने याचिका पर हस्ताक्षर किए, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। सरकार ने दो अधिकारियों को ट्रांसफर कर दिया, जिसे मीडिया बड़ा फैसला बता रही है, जबकि एक अधिकारी को कृषि मंत्रालय में सचिव जैसे पद पर नियुक्त कर दिया गया- यह सजा नहीं है। पार्टी का कहना है कि न्यूनतम निलंबन भी नहीं हुआ।
उन्होंने NEET, SSC GD, CBSE, CUET जैसी परीक्षाओं में गड़बड़ी का हवाला देते हुए बताया कि करीब 1 करोड़ युवाओं के साथ मजाक हुआ है, कई छात्रों ने प्रेशर में आत्महत्या की है। इन सब मुद्दों को लेकर मुख्य आंदोलन 6 जून को होगा, जब CJP फाउंडर अभिजीत दीपके सुबह 8 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचेंगे, फिर पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की इजाजत मांगी जाएगी। आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा और इसमें किसी भी पार्टी के युवा बिना बैनर के शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ हर 5 साल में वोट देने की राजा-रानी वाली व्यवस्था नहीं होनी चाहिए, बल्कि लोकतंत्र गतिशील होना चाहिए। जनता ने अपने 'एंप्लॉयीज' चुने हैं, इसलिए सवाल पूछने का अधिकार है। अंत में सवाल उठाया कि इतने बड़े धोखे के बाद भी धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा क्यों नहीं दे रहे और क्या देश में जवाबदेही नाम की कोई चीज़ बची भी है।
सौरव दास ने कहा कि युवा इस देश का 65 प्रतिशत हिस्सा हैं और अब समय आ गया है कि युवा खुद नेतृत्व करें। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में लगातार हो रहे पेपर लीक, ग्लिचेस और जवाबदेही की कमी पर सवाल उठाया। दास ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को दोहराया और कहा कि मंत्रालय के कार्यकाल में इतने सारे लीक हुए हैं, इसके बावजूद कोई जवाबदेही तय नहीं की जा रही। सौरव दास ने आगे कहा, "हमारी मुख्य मांग है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। देश में शासन के हर स्तर पर जवाबदेही खत्म हो चुकी है। हमने आठ लाख से अधिक युवाओं के हस्ताक्षर वाली याचिका दी है, लेकिन सरकार की तरफ से कोई जवाब नहीं आया।"
सौरव दास ने जोर दिया कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि लाखों प्रभावित छात्रों का है और युवाओं को अब सड़कों पर शांतिपूर्ण तरीके से अपना अधिकार जताना चाहिए।CJP को युवा राजनीतिक आंदोलन बताते हुए दास ने कहा कि यह एक प्रेशर ग्रुप भी है, जिसकी मुख्य मांग शासन में जवाबदेही है। उन्होंने साफ किया कि यह किसी राजनीतिक पार्टी का एक्सटेंशन नहीं है बल्कि सिद्धांतों की लड़ाई है।
Trying to reach there on 6 th to show my solidarity to the most relevant Cockroach movement .. since i am too far away shooting a film (a prior commitment) Trying my best to be there . Requesting all young cockroachs to crawl there .. #justasking https://t.co/68cbUxrxRd
— Prakash Raj (@prakashraaj) June 3, 2026
सोनम वांगचुक के बाद प्रकाश राज का भी मिला सपोर्ट
लद्दाख के प्रख्यात पर्यावरण कार्यकर्ता, शिक्षाविद् और रेमन मैग्सेसे पुरस्कार विजेता सोनम वांगचुक पहले ही कोकरोच जनता पार्टी को अपना समर्थन जाहिर कर चुके हैं और 1 जून को उन्होंने जंतर मंतर प्रोटेस्ट में शामिल होने की घोषणा की थी. एक सोशल मीडिया पोस्ट पर उन्होंने लिखा, " 6 जून के लिए तैयार...सिर्फ़ शांति और प्यार के साथ। अगर कोई ज़ोर-ज़बरदस्ती करनी पड़े, तो हमारी तरफ़ से नहीं! भले ही इसका मतलब जेल हो...हर एक को ज़िंदगी में एक बार जेल जाना चाहिए, किसी जुर्म के लिए नहीं बल्कि एक मकसद के लिए...!" सोनम के इस पोस्ट से साफ़ है कि उन्हें इस यूथ मूवमेंट को सरकार द्वारा दबाए जाने के प्रयास और प्रदर्शन में अड़चन का अंदेशा है लेकिन सोनम ने बार बार दोहराया कि यह विरोध पूरी तरह से शांतिपूर्ण और सत्याग्रह के मार्ग पर होगा।
एक्टर प्रकाश राज ने भी आन्दोलन को अपना समर्थन देते हुए कहा कि "6 जून को वहां पहुंचने की कोशिश कर रहा हूं ताकि सबसे ज़रूरी कॉकरोच मूवमेंट के साथ अपनी एकजुटता दिखा सकूं.. क्योंकि मैं पहले से तय एक फिल्म की शूटिंग के लिए बहुत दूर हूं। वहां पहुंचने की पूरी कोशिश कर रहा हूं। सभी युवा कॉकरोच से रिक्वेस्ट है कि वे वहां रेंगें।"