MP: दर्द से चीखता रहा "मुझे मत मारो", फिर भी पीटता रहा सुरक्षा कर्मी, सिंगरौली में आदिवासी की बर्बर पिटाई का वीडियो वायरल, 2 गिरफ्तार

11:18 AM May 04, 2026 | Geetha Sunil Pillai

सिंगरौली- मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में उत्तरी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) के निगाही कोल हैंडलिंग प्लांट के पास एक दर्दनाक घटना सामने आई है। बैगा जनजाति के 40 वर्षीय अन्ने लाल बैगा को लकड़ी बटोरने के दौरान सुरक्षा कर्मियों द्वारा क्रूरता से पीटा गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें अन्ने लाल बैगा जमीन पर लेटे करुण पुकार करते दिख रहे हैं, जबकि एक सुरक्षा अधिकारी हॉकी स्टिक से उनकी पिटाई कर रहा है।

घटना 20 मार्च को हुई थी, लेकिन वीडियो 2 मई को वायरल होने के बाद से पूरे प्रदेश में आक्रोश फैल गया। अन्ने लाल बैगा अपनी पत्नी के साथ लकड़ी इकट्ठा करने गए थे, तभी निजी सुरक्षा एजेंसी और कंपनी के अधिकारियों ने उन्हें रोका और बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी। वीडियो में एक व्यक्ति दूसरे को उकसाते हुए कहता सुनाई देता है, “सिर छोड़ो, पैरों पर मारो।” अन्ने लाल बैगा ने बाद में बताया कि इस क्षेत्र में आदिवासियों के साथ ऐसी घटनाएं आम होती जा रही हैं।

वीडियो का सबसे रोंगटे खड़े कर देने वाला हिस्सा सिर्फ़ हमला ही नहीं, बल्कि उसके आस-पास सुनाई देने वाली आवाज़ें भी हैं। जब वह आदिवासी व्यक्ति बार-बार गुहार लगाता है, "मैं आपसे मिन्नत करता हूँ, मुझे मत मारो," तो पास खड़े लोग कथित तौर पर हमलावर को उकसाते हुए सुनाई देते हैं, "इसके सिर को छोड़ देना, लेकिन बाकी सब कुछ तोड़ देना।"

पीड़ित के पुलिस को दिए बयान के अनुसार, वह अपनी पत्नी के साथ जंगल में जलाऊ लकड़ी इकट्ठा करने गया था, तभी कथित तौर पर उस इलाके में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोक लिया। बताया जाता है कि उन्हें उस पर कबाड़ चोरी करने का शक हुआ और फिर पूछताछ के नाम पर उन्होंने उसके साथ मारपीट की।

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पुलिस ने रविवार को बताया कि आदिवासी व्यक्ति के साथ मारपीट करने के आरोप में दो सुरक्षाकर्मियों को गिरफ़्तार किया गया है। यह गिरफ़्तारी मारपीट का वीडियो इंटरनेट पर वायरल होने के एक दिन बाद की गई है।

इस घटना को लेकर विपक्षी दलों ने सत्ताधारी सरकार पर तीखा हमला बोला है। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जितु पाटवारी ने कहा, “हमारे आदिवासी भाई अन्ने लाल बैगा के साथ हुई मारपीट की घटना अत्यंत पीड़ादायक और निंदनीय है। आज वीडियो कॉल के माध्यम से उनसे बात कर उनके हालचाल की जानकारी ली और पूरी घटना की सच्चाई जानी। उन्होंने बताया कि आदिवासी अंचलों में इस तरह की घटनाएँ आम होती जा रही हैं, जहाँ आदिवासी भाई-बहनों के साथ मारपीट कर उन्हें डराया और धमकाया जाता है। मोहन सरकार में आदिवासी समाज के साथ हो रहे अत्याचार और अन्याय के खिलाफ मैं और पूरी कांग्रेस पार्टी मजबूती से खड़े हैं।”

आदिवासी अधिकार कार्यकर्ता इस घटना को कोयला खनन क्षेत्र में भूमि हड़पने और आदिवासियों को डराने की बड़ी साजिश का हिस्सा बता रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि एनसीएल प्रबंधन और संबंधित कंपनियों पर भी कार्रवाई हो तथा आदिवासी इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाए।

गौरतलब है कि यह घटना फरवरी 2026 में हुई विष्णु बैगा हत्याकांड के महज तीन महीने बाद हुई है, जिसमें बैगा युवक को जूते पहनने के आरोप में लाठियों-डंडों से पीटकर मार डाला गया था। इन लगातार घटनाओं ने सिंगरौली के आदिवासी इलाकों में भय का माहौल बना दिया है।