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तमिलनाडु में 59 साल बाद सत्ता में कांग्रेस की वापसी, सीएम विजय के मंत्रिमंडल में 7 दलित चेहरे शामिल

चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। राज्य में पूरे 59 सालों के लंबे वनवास के बाद कांग्रेस ने सरकार में वापसी की है। गुरुवार को मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया। इस दौरान 23 नए मंत्रियों ने शपथ ली, जिनमें कांग्रेस के दो विधायक भी शामिल हैं।

यह कैबिनेट विस्तार मुख्यमंत्री की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। इसके जरिए उन्होंने अपने वफादारों को इनाम दिया है, सहयोगी दलों को साधा है और राज्य की राजनीति में एक नए सामाजिक समीकरण को स्थापित करने की कोशिश की है। टीवीके के 21 नए मंत्रियों के साथ कांग्रेस के पी. विश्वनाथन और एस. राजेश कुमार ने भी पद की शपथ ली। पी. विश्वनाथन को उच्च शिक्षा और एस. राजेश कुमार को पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इस ताजा विस्तार के बाद अब तमिलनाडु सरकार में कुल मंत्रियों की संख्या 33 हो गई है। मंत्रिमंडल में अभी भी दो सीटें खाली रखी गई हैं, जिन्हें आईयूएमएल और वीसीके के लिए सुरक्षित रखा गया है। इसका सीधा राजनीतिक संदेश यह है कि अब ईपीएस विरोधी अन्नाद्रमुक गुट के लिए इस सरकार में कोई जगह नहीं बची है।

मुख्यमंत्री विजय का यह कदम राज्य के दलित समुदाय के लिए भी ऐतिहासिक रहा है। उन्होंने अपनी कैबिनेट में सात दलित मंत्रियों को शामिल किया है, जो तमिलनाडु के इतिहास में इस समुदाय का अब तक का सबसे बड़ा प्रतिनिधित्व है। वीसीके के सरकार में शामिल होने के बाद यह संख्या बढ़कर आठ होने की पूरी उम्मीद है।

राज्य की पारंपरिक राजनीति से अलग हटकर सीएम विजय ने दो ब्राह्मण चेहरों को भी अपनी कैबिनेट का हिस्सा बनाया है। इनमें मायलापुर के विधायक पी. वेंकटरमण शामिल हैं, जिन्होंने 10 मई को पहले चरण में मंत्री पद की शपथ ली थी। वहीं, श्रीरंगम से विधायक एस. रमेश को गुरुवार को हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती (HR&CE) मंत्री बनाया गया है।

नई सरकार में महिला सशक्तिकरण और युवाओं की भी स्पष्ट झलक दिख रही है। मंत्रिमंडल में चार महिला मंत्री शामिल हैं। हालांकि राज्य में पहले भी इतनी ही संख्या में महिला मंत्री रही हैं, लेकिन टीवीके कैबिनेट के पास राज्य की सबसे कम उम्र की महिला मंत्रियों का रिकॉर्ड है। इनमें 28 वर्षीय कमाली को पशुपालन विभाग और 29 वर्षीय कीर्तना को उद्योग विभाग सौंपा गया है।

यह तमिलनाडु के अब तक के सबसे युवा मंत्रिमंडलों में से एक है। इसमें 40 वर्ष से कम उम्र के नौ मंत्री हैं, जबकि दो मंत्रियों की उम्र तो 30 साल से भी कम है। पूरे मंत्रिमंडल में केवल चार मंत्री ही 60 वर्ष से अधिक उम्र के हैं। इनमें सबसे बुजुर्ग 78 वर्षीय के. ए. सेंगोट्टैयन हैं।

विभागों के बंटवारे में भी कई दिलचस्प बदलाव किए गए हैं। आरके नगर से पहली बार विधायक बने मैरी विल्सन को वित्त मंत्री जैसी अहम जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने सेंगोट्टैयन की जगह ली है, जिन्हें अब राजस्व विभाग का प्रभार मिला है।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री विजय के मित्र श्रीनाथ को मत्स्य पालन विभाग दिया गया है। वहीं, विजय के प्रशंसक संघ के लंबे समय से पदाधिकारी रहे विनोद को कृषि मंत्री बनाया गया है।

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