मणिपुर के कांगपोकपी में जंगल गए नागा व्यक्ति की गोलियों से भूनकर हत्या, स्थानियों की कुकी उग्रवादियों पर शक

09:59 AM Jun 09, 2026 | Rajan Chaudhary

नई दिल्ली: मणिपुर के कांगपोकपी जिले में सोमवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां हथियारबंद बदमाशों ने 58 वर्षीय एक रोंगमेई नागा व्यक्ति की बेरहमी से हत्या कर दी। इस वारदात के बाद इलाके में भारी तनाव और दहशत का माहौल है।

आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कुकी-बहुल कांगपोकपी जिले के पोंगिंगलोंग पार्ट-I (जो एक रोंगमेई नागा गांव है) के कुछ लोग सोमवार सुबह करीब 6:40 बजे जंगल में गए थे। पोंगिंगलोंग ग्राम प्राधिकरण ने बताया कि मृतक चुंगजांगलुंग पनमेई उनके ग्राम प्राधिकरण के एक सक्रिय सदस्य थे। वह आठ अन्य ग्रामीणों के साथ जंगल में जलावन की लकड़ी इकट्ठा करने और गांव तक आने वाले पानी के पाइप की मरम्मत करने के लिए निकले थे।

जंगल में अपना काम करने के दौरान ही अचानक अज्ञात हथियारबंद बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस जानलेवा हमले में ज्यादातर ग्रामीण अपनी जान बचाकर वहां से भागने में सफल रहे। हालांकि, गोली लगने के कारण चुंगजांगलुंग पनमेई घटनास्थल से लापता हो गए।

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घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत हरकत में आई और इलाके में सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर करीब 1:30 बजे पुलिस ने जंगल से उनका शव बरामद कर लिया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पनमेई के शरीर पर गोलियों के चार निशान पाए गए हैं। शव की स्थिति को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि उन्हें बिल्कुल करीब से (पॉइंट-ब्लैंक रेंज से) गोली मारी गई है। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए इंफाल भेज दिया गया है।

इस क्रूर हत्याकांड पर स्थानीय रोंगमेई नागा संस्था 'पोंगिंगलोंग यूथ क्लब' ने नाराजगी जाहिर की है। क्लब ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए दावा किया है कि कांगपोकपी के जंगलों में पनमेई की जान कुकी उग्रवादियों ने ली है। संस्था ने जोर देते हुए कहा कि यह घटना चिंता का एक बहुत बड़ा विषय है और किसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा इस मामले की तत्काल, गहन और निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।