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अहमदाबाद: दलित बेटे ने किया था अंतरजातीय विवाह, इस रंजिश में 52 वर्षीय पिता की लोहे के पाइप से पीट-पीटकर हत्या

गुजरात: अहमदाबाद के आनंदनगर इलाके में शनिवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ जीवराज ब्रिज के पास 52 वर्षीय दलित व्यक्ति नाटू परमार की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस को शक है कि इस जघन्य अपराध की वजह उनके बेटे का अंतरजातीय विवाह बताई जा रही है। रविवार को पुलिस ने इस मामले की जानकारी साझा की।

आनंदनगर पुलिस थाने में मृतक के बेटे कौशिक ने इस घटना की आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है। पेशे से प्लंबर कौशिक के मुताबिक, शनिवार रात करीब 8.32 बजे उनके दोस्त राहुल सरेसा का फोन आया। राहुल ने ही उन्हें यह खौफनाक खबर दी कि उनके पिता पर जानलेवा हमला हुआ है और वह गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़े हैं।

सूचना मिलते ही बदहवास परिवार के सदस्य और दोस्त मौके पर पहुंचे और घायल नाटू परमार को एक ऑटो रिक्शा से पारेख अस्पताल ले गए। वहां उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत आईसीयू में भर्ती कराया गया। हालांकि, सिर में लगी गहरी और जानलेवा चोटों के कारण इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

पुलिस जांच में यह खौफनाक सच सामने आया है कि नाटू परमार पर लोहे के पाइप और लकड़ी के डंडों से बेरहमी से हमला किया गया था। हमलावरों ने उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर कई वार किए, जिसके चलते उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी।

अपनी पुलिस शिकायत में कौशिक ने बताया कि उन्होंने करीब चार साल पहले ठाकोर (ओबीसी) समुदाय की मालविका ठाकोर से शादी की थी। इस अंतरजातीय विवाह के कारण शुरुआत से ही दोनों परिवारों के बीच कुछ तनाव था। हाल के महीनों में पति-पत्नी के बीच आपसी विवाद बढ़ने के कारण यह तनाव और बढ़ गया था, जिसके चलते उनकी पत्नी अपने मायके में जाकर रहने लगी थीं।

कौशिक का सीधा आरोप है कि इस शादी और उसके बाद हुए पारिवारिक विवाद की खुन्नस निकालने के लिए ही आरोपियों ने उनके पिता को निशाना बनाया और उनकी हत्या कर दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने कानू ठाकोर, हसमुख ठाकोर और केतन धुलाजी ठाकोर के साथ-साथ एक अज्ञात व्यक्ति को इस मामले में मुख्य आरोपी बनाया है।

इस मामले की जांच कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच से यही पता चलता है कि हमले की मुख्य वजह अंतरजातीय विवाह से जुड़ी नाराजगी है, जिसे दंपति के बीच चल रहे मौजूदा वैवाहिक विवाद ने और भड़का दिया। फिलहाल, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत हत्या और उकसाने की एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की सघन जांच जारी है।

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