भोपाल। मध्य प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। खासकर, बच्चों से यौन उत्पीड़न के मामले चिंताजनक रूप से बढ़े हैं। आए दिन ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे समाज में भय का माहौल है। कानून व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन ठोस कदम नज़र नहीं आ रहे। हाल ही में राजधानी में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां 5 साल की मासूम बच्ची के साथ रेप की घटना हुई।
यह घटना भोपाल के अवधपुरी इलाके में सोमवार रात करीब 11:30 बजे हुई। आरोपी बच्ची को उसके घर के बाहर से जबरन पकड़कर निर्माणाधीन मकान में ले गया और वहां उसके साथ ज्यादती की। बच्ची के रोने और चीखने की आवाजें सुनकर माता-पिता वहां पहुंचे, लेकिन उन्हें देखकर आरोपी मौके से फरार हो गया।
घटना के बाद बच्ची के माता-पिता बदनामी के डर से तुरंत पुलिस के पास नहीं गए, लेकिन मंगलवार दोपहर 3:30 बजे परिजन ने हिम्मत जुटाकर थाने पहुंचकर एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
घटना कैसे हुई?
थाना प्रभारी (टीआई) रतन सिंह परिहार ने बताया कि घटना एक कवर्ड कैंपस में हुई, जहां कई मजदूर अपने परिवार के साथ झुग्गियों में रहते हैं। इसी क्षेत्र में डिंडौरी जिले का रहने वाला एक मजदूर परिवार भी रहता है। सोमवार रात को मजदूरी से लौटने के बाद बच्ची के पिता घर पर पहुंचे थे और बच्ची की मां खाना बना रही थी। इसी दौरान 5 साल की मासूम बच्ची अपने भाई के साथ झुग्गी के बाहर खेल रही थी। तभी आरोपी रोहित बर्मन ने बच्ची का हाथ पकड़कर उसे पास के निर्माणाधीन मकान में ले गया।
आरोपी, पीड़िता के पिता के साथ करता था मजदूरी
बच्ची की मां के अनुसार, आरोपी और उसके पति एक साथ मजदूरी का काम करते थे और इस वजह से वह परिवार का परिचित था। बच्ची की चीख-पुकार सुनकर जब माता-पिता मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि रोहित बर्मन मासूम के साथ गंदा काम कर रहा था। जैसे ही आरोपी ने उन्हें देखा, वह धक्का देकर वहां से भाग निकला।
बदनामी के डर से देर से पहुंचे थाने
घटना के बाद स्थानीय लोग वहां जमा हो गए थे। लेकिन बच्ची के माता-पिता इस घटना को लेकर शर्मिंदगी और सामाजिक बदनामी के डर से तुरंत थाने नहीं गए। मंगलवार को आसपास के लोगों की समझाइश के बाद वे अवधपुरी थाने पहुंचे और मामले की शिकायत दर्ज कराई।
आरोपी गिरफ्तार, पुलिस कर रही जांच
पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद तेजी से कार्रवाई की और आरोपी रोहित बर्मन को हिरासत में ले लिया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच में जुटी है। पुलिस का कहना है कि इस जघन्य अपराध के लिए आरोपी के खिलाफ सख्त धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
इस मामले में पुलिस ने पॉक्सो एक्ट (Protection of Children from Sexual Offences Act) के तहत केस दर्ज किया है। साथ ही, आरोपी पर दुष्कर्म और 363 अपहरण के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पॉक्सो एक्ट के तहत सजा:
12 साल से कम उम्र की बच्ची के साथ दुष्कर्म के दोषी को आजीवन कारावास या मृत्यु दंड तक की सजा हो सकती है। इसके अलावा, पीड़िता को मुआवजा दिलाने और उसके पुनर्वास की प्रक्रिया भी कानून के तहत सुनिश्चित की जाएगी।
आयोग ने लिया संज्ञान
द मूकनायक से बातचीत में मध्यप्रदेश राज्य बाल आयोग की सदस्य निवेदिता शर्मा ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि आयोग ने मामले का संज्ञान ले लिया है। हम पूरे प्रकरण की निगरानी कर रहे हैं और पुलिस से जांच प्रतिवेदन तलब किया गया है।
मध्यप्रदेश में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों का भयावह आंकड़ा
भोपाल में हुई इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि मध्यप्रदेश में महिलाएं और बच्चियां कितनी असुरक्षित हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट के अनुसार, मध्यप्रदेश लगातार महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है।
NCRB के आंकड़े
2022 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 4,45,256 मामले दर्ज किए गए, जो 2021 के 4,28,278 मामलों से 4% अधिक हैं। बच्चों के खिलाफ अपराध के 1,62,449 मामले दर्ज हुए, जो 2021 के 1,49,404 मामलों से 8.7% अधिक हैं। अकेले भोपाल में 2022 में 758 मामलों में बच्चियों को निशाना बनाया गया।
नाबालिगों के खिलाफ बढ़ते अपराधों के पीछे मुख्य कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की घटनाएं सिर्फ अपराधियों की मानसिकता का नतीजा नहीं हैं, बल्कि सामाजिक और प्रशासनिक कमजोरियों की वजह से भी बढ़ रही हैं। कई मामलों में पड़ोसी, रिश्तेदार, या परिचित ही बच्चियों को शिकार बनाते हैं। यह दर्शाता है कि समाज में अपराधियों का दायरा कहीं अधिक विस्तृत और खतरनाक हो चुका है। स्कूल, कोचिंग संस्थान और मेले जैसे सार्वजनिक स्थान, जो पहले सुरक्षित माने जाते थे, अब अपराधियों के नए ठिकाने बन गए हैं। भोपाल की घटना इसका बड़ा उदाहरण है। कई मामलों में यह देखा गया है कि अपराधी शराब या नशे की हालत में होते हैं, जिससे वे वहशीपन पर उतर आते हैं और जघन्य अपराध कर बैठते हैं।