पंजाब: श्री मुक्तसर साहिब जिले से इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक खौफनाक घटना सामने आई है। यहां मोबाइल फोन चोरी करने के आरोप में दो युवकों को रस्सियों से बांधकर पीटा गया और उन्हें सरेआम पूरे गांव में घुमाया गया। इस बर्बर घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो के सामने आने के बाद से लोगों में भारी आक्रोश है।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला झोरड़ गांव का है। बताया जा रहा है कि इन दोनों युवकों पर प्रवासी मजदूरों का मोबाइल फोन छीनने का शक था। इसी आरोप के आधार पर कुछ ग्रामीणों ने कथित तौर पर उन्हें उनके घरों से जबरन उठा लिया। इसके बाद उन्हें रस्सियों से बांधकर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई।
प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो के अनुसार, भीड़ ने सारी हदें पार करते हुए पीड़ितों के कपड़े उतार दिए और उन्हें बुरी तरह पीटते हुए सरेआम गांव की सड़कों पर घुमाया।
इस अमानवीय घटना के बाद पीड़ितों के परिजनों ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवारों का कहना है कि दोनों युवक दलित समुदाय से ताल्लुक रखते हैं और उनके साथ जानबूझकर ऐसी बर्बरता की गई है।
परिजनों का आरोप है कि भीड़ ने युवकों के साथ केवल शारीरिक मारपीट ही नहीं की, बल्कि पूरी घटना के दौरान उन्हें भद्दी जातिसूचक गालियां भी दीं। उन्होंने भीड़ के इस हिंसक कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए इसे मानवीय गरिमा और कानून का घोर उल्लंघन बताया है।
दूसरी तरफ, इस पूरे मामले में गांव वालों का अपना एक अलग ही तर्क है। ग्रामीणों का दावा है कि ये दोनों युवक इलाके में लगातार हो रही मोबाइल फोन छीनने की घटनाओं में सीधे तौर पर शामिल थे। दोनों पक्षों के इन अलग-अलग और विरोधाभासी दावों ने पुलिस की जांच को काफी जटिल बना दिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि दोनों संदिग्ध युवकों को हिरासत में ले लिया गया है और उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
फिलहाल दोनों युवकों का मेडिकल परीक्षण करा लिया गया है और पुलिस की शुरुआती जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी साफ कर दिया है कि जिन लोगों ने कथित तौर पर कानून हाथ में लेकर मारपीट की है, उनके खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
OR :
— Sri Muktsar Sahib Police (@MuktsarPolice) June 8, 2026
The police have taken prompt legal action in connection with the incident at Village Jhorar, where two individuals were allegedly assaulted by pic.twitter.com/HVriExg9Og
इस पूरी घटना पर मलोट के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) जसपाल सिंह धालीवाल का कड़ा बयान सामने आया है। डीएसपी धालीवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भले ही युवकों पर गलत काम करने का शक था, लेकिन ग्रामीणों को किसी भी हाल में कानून अपने हाथ में लेने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि गांव वालों को खुद सजा देने के बजाय इस बात की सूचना तुरंत पुलिस को देनी चाहिए थी।
मामले के तूल पकड़ने और सोशल मीडिया पर आक्रोश बढ़ने के बाद अब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने भी इस पर सख्त संज्ञान लिया है। पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी ने इस हिंसक घटना पर गहरी नाराजगी जताई है।
उन्होंने एसपी मुख्यालय के माध्यम से श्री मुक्तसर साहिब के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से इस पूरे मामले की एक विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने पुलिस को यह विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के लिए 9 जून, 2026 तक की समय सीमा तय की है।