केरल के कन्नूर में एक दर्दनाक घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। अंचराकांडी स्थित कन्नूर डेंटल कॉलेज में बीडीएस प्रथम वर्ष के छात्र नितिन राज की इमारत से गिरकर हुई संदिग्ध मौत के मामले में अब न्याय की मांग तेज हो गई है। मंगलवार को केरल के कई दलित संगठनों की एक एक्शन काउंसिल ने राज्य सरकार से पीड़ित परिवार के लिए 10 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग उठाई है।
यहां आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक्शन काउंसिल ने इसे महज आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए इसे 'संस्थागत हत्या' (इंस्टीट्यूशनल मर्डर) करार दिया। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच केरल उच्च न्यायालय की निगरानी में कराने की मांग की है। आपको बता दें कि 10 अप्रैल को नितिन राज कॉलेज की इमारत से गिरने के बाद गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले थे और बाद में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया था।
छात्र की मौत के विरोध और दोषियों को सजा दिलाने की गुहार लगाते हुए एक्शन काउंसिल ने 28 अप्रैल को पूरे केरल में राज्यव्यापी हड़ताल का भी आह्वान किया है। संगठनों का स्पष्ट कहना है कि इस दुखद घटना के लिए जिम्मेदार फैकल्टी सदस्यों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
इस बीच, मंगलवार को ही नितिन राज के पिता और परिवार के अन्य सदस्यों ने डेंटल कॉलेज का दौरा किया। कॉलेज परिसर में उस जगह को देखकर पिता अपने आंसू नहीं रोक पाए, जहां उनका बेटा गंभीर रूप से घायल पड़ा मिला था। यह दृश्य वहां मौजूद हर शख्स को भावुक कर देने वाला था।
पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए दो फैकल्टी सदस्यों, डॉ. एमके राम और डॉ. संगीता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इन दोनों पर आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी/एसटी एक्ट की सख्त धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। परिजनों और समर्थकों का आरोप है कि नितिन को उसकी जाति और रंग-रूप को लेकर लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। इस बीच, गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों आरोपी डॉक्टरों ने जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिका भी दायर कर दी है।
इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब छात्र की मौत के तार ऑनलाइन लोन ऐप्स से भी जुड़े होने की बात सामने आई। पुलिस ने अलग-अलग ऑनलाइन लोन ऐप्स के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की हैं। इनमें से एक मामले में उत्तर प्रदेश के नोएडा से अवैध लोन ऐप का संचालन करने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।
हालांकि, नितिन के परिवार का साफ तौर पर दावा है कि सिर्फ लोन का दबाव उनके बेटे की मौत का कारण नहीं हो सकता है। उनका मानना है कि कॉलेज परिसर के भीतर हुआ मानसिक उत्पीड़न ही इस घटना की मुख्य वजह है।