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हापुड़ में गजब कारनामा: 50 लाख का इंश्योरेंस हड़पने के लिए 'प्लास्टिक के पुतले' का अंतिम संस्कार, चिता जलने से पहले खुला राज

हापुड़/गढ़मुक्तेश्वर: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में गंगा किनारे ब्रजघाट पर गुरुवार दोपहर एक ऐसा नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला, जिसे देखकर वहां मौजूद हर शख्स सन्न रह गया। दिल्ली से आए कुछ लोग एक 'शव' का अंतिम संस्कार करने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन जैसे ही चिता पर लेटे शव से कफन हटाया गया, वह इंसान नहीं बल्कि एक 'प्लास्टिक का पुतला' (Mannequin) निकला।

इस हैरान कर देने वाली साजिश का पर्दाफाश तब हुआ जब अंतिम संस्कार कराने वाले स्थानीय सहायकों को शव के वजन और आकार को लेकर शक हुआ। पुलिस ने मौके से दिल्ली के एक व्यापारी समेत दो लोगों को हिरासत में लिया है।

शव हल्का लगा तो हुआ शक, कफन हटाते ही उड़े होश

ब्रजघाट पर अंतिम संस्कार में मदद करने वाले नितिन ने बताया कि चार लोग घी और पूजा सामग्री लेकर घाट पर पहुंचे थे। जब वे शव को चिता पर रख रहे थे, तो नितिन को महसूस हुआ कि शव का वजन असामान्य रूप से बहुत हल्का है।

नितिन ने बताया, "मुझे शक हुआ तो मैंने उनसे मृतक का चेहरा दिखाने को कहा। वे बहाने बनाने लगे और हिचकिचाने लगे। जब हमने जबरदस्ती कपड़ा हटाया, तो नीचे प्लास्टिक का पुतला देख हम हैरान रह गए।" इसके बाद वहां मौजूद ग्रामीणों और अन्य लोगों ने आरोपियों को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी।

50 लाख का कर्ज चुकाने के लिए रची गई 'मौत' की साजिश

गढ़मुक्तेश्वर की क्षेत्राधिकारी (CO) स्तुति सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरी साजिश 50 लाख रुपये की बीमा राशि (Insurance Money) हड़पने के लिए रची गई थी।

पुलिस की शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि हिरासत में लिया गया मुख्य आरोपी कमल सोमानी दिल्ली का एक व्यापारी है, जिस पर 50 लाख रुपये का भारी कर्ज है। इस कर्ज को चुकाने के लिए उसने एक साल पहले अपने कर्मचारी, अंशुल कुमार के नाम पर 50 लाख का बीमा करवाया था।

प्लान यह था कि पुतले का अंतिम संस्कार करके अंशुल कुमार का मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) बनवा लिया जाए और फिर इंश्योरेंस की रकम क्लेम कर ली जाए।

जिंदा है 'मृतक', प्रयागराज में मिला

इस साजिश का सबसे दिलचस्प पहलू तब सामने आया जब पुलिस ने उस कर्मचारी 'अंशुल कुमार' से संपर्क किया, जिसका अंतिम संस्कार किया जा रहा था। पुलिस के अनुसार, अंशुल पूरी तरह सुरक्षित है और प्रयागराज में है। उसने पुलिस को बताया कि उसे इस घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने कमल सोमानी और उसके एक साथी को हिरासत में ले लिया है, जबकि उनके दो अन्य साथी मौके से भागने में सफल रहे। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की गहराई से जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह ने पहले भी ऐसे किसी अपराध को अंजाम दिया है।

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