+

MP में आंगनवाड़ी पोषण आहार संकट! 30 जिलों में तीन महीने से बंद टेक होम राशन सप्लाई, गर्भवती महिलाओं और बच्चों पर असर

भोपाल। मध्यप्रदेश में महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों में दिए जाने वाले पूरक पोषण आहार यानी टेक होम राशन (टीएचआर) की सप्लाई व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है। प्रदेश के करीब 30 जिलों में पिछले तीन महीनों से राशन वितरण पूरी तरह ठप पड़ा है। इसका सीधा असर आंगनवाड़ी केंद्रों में आने वाले छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं पर पड़ रहा है। विभागीय दस्तावेजों और अधिकारियों के पत्राचार से साफ है कि सप्लाई चेन पूरी तरह चरमरा चुकी है, लेकिन इसके समाधान को लेकर सरकार और संबंधित एजेंसियों के पास कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि राष्ट्रीय स्तर पर चलने वाले पोषण अभियानों और रैंकिंग में भी मध्यप्रदेश के कई जिले लगातार पिछड़ रहे हैं।

सागर संभाग में सबसे गंभीर हालात, फरवरी से बंद है सप्लाई

सबसे खराब स्थिति सागर संभाग में सामने आई है। संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास, सागर संभाग द्वारा 15 मई 2026 को पोषण आहार संयंत्र सागर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को भेजे गए पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि संयंत्र के जिम्मे आने वाली 74 बाल विकास परियोजनाओं में 26 फरवरी 2026 से टेक होम राशन की आपूर्ति बंद है। इसके चलते हजारों हितग्राहियों तक पोषण आहार नहीं पहुंच पा रहा। पत्र में यह भी कहा गया कि लगातार सप्लाई बंद रहने से विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं और राष्ट्रीय पोषण कार्यक्रमों में जिलों की रैंकिंग पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है।

सिर्फ सागर ही नहीं, बल्कि नर्मदापुरम, रीवा और मंडला प्लांट के अंतर्गत आने वाले जिलों में भी लगभग यही स्थिति बनी हुई है। कई जिलों में महीनों से आंगनवाड़ी केंद्रों पर राशन नहीं पहुंचा है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं और बच्चे लगातार केंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।

विभागीय पत्राचार जारी, लेकिन समाधान का कोई रोडमैप नहीं

महिला एवं बाल विकास विभाग और मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एसआरएलएम) के बीच लगातार पत्राचार और फोन पर चर्चाएं होने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। विभागीय अधिकारियों को सिर्फ इतना बताया जा रहा है कि संबंधित संयंत्र बंद हैं। आखिर संयंत्र क्यों बंद हैं, कब तक सप्लाई शुरू होगी और इसका वैकल्पिक इंतजाम क्या है, इन सवालों का कोई स्पष्ट उत्तर अधिकारियों को भी नहीं मिल पा रहा।

मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग की आयुक्त और प्रदेश के नौ जिलों के कलेक्टरों को भी पत्र भेजे गए हैं। कई जिलों के अधिकारियों ने लिखित रूप से चेतावनी दी है कि यदि जल्द सप्लाई शुरू नहीं हुई तो कुपोषण नियंत्रण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़े सरकारी अभियान प्रभावित हो सकते हैं।

7 प्लांटों पर 300 करोड़ की उधारी, निजी सप्लायर्स ने रोकी सामग्री

जानकारी के अनुसार प्रदेश में संचालित सात टेक होम राशन प्लांटों पर करीब 300 करोड़ रुपए की देनदारी बकाया है। राशन निर्माण के लिए कच्चा माल उपलब्ध कराने वाले निजी सप्लायर्स को लंबे समय से भुगतान नहीं किया गया, जिसके बाद उन्होंने सामग्री की सप्लाई बंद कर दी। इसका सीधा असर संयंत्रों के संचालन पर पड़ा और कई प्लांट बंद होने की स्थिति में पहुंच गए।

वित्तीय संकट को देखते हुए वित्त विभाग ने वर्ष 2026-27 के बजट में रेडी टू ईट टेक होम राशन योजना के लिए 134 करोड़ रुपए मंजूर किए थे, लेकिन यह राशि अब तक जारी नहीं की गई है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि भुगतान लंबित रहने से उत्पादन इकाइयों में काम लगभग ठप हो गया है। यही कारण है कि आंगनवाड़ी केंद्रों तक राशन पहुंचाने की पूरी व्यवस्था टूट गई है।

मंडला जिले ने भी जताई थी चिंता, आकांक्षी ब्लॉक हुए प्रभावित

मंडला जिले की जिला कार्यक्रम अधिकारी ने 17 अप्रैल 2026 को सीईओ आजीविका मिशन को पत्र लिखकर स्थिति की गंभीरता से अवगत कराया था। पत्र में कहा गया था कि अक्टूबर 2025 से अप्रैल 2026 तक जिले को टेक होम राशन उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके कारण मवई और नारायणगंज जैसे प्रधानमंत्री के आकांक्षी ब्लॉक सीधे प्रभावित हुए हैं।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि पोषण आहार उपलब्ध नहीं होने से पोषण ट्रैकिंग और पोर्टल एंट्री का कार्य भी प्रभावित हुआ। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को हितग्राहियों की जानकारी अपडेट करने में परेशानी आ रही है, जिससे जिले की राष्ट्रीय रैंकिंग लगातार गिर रही है। अधिकारियों ने आशंका जताई कि यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो कुपोषण के खिलाफ चल रहे प्रयासों को गंभीर झटका लग सकता है।

बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य पर पड़ रहा सीधा असर

टेक होम राशन योजना का उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों से जुड़े छह वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को अतिरिक्त पोषण उपलब्ध कराना है। यह राशन खास तौर पर कुपोषण रोकने और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सुधारने के लिए दिया जाता है। लेकिन लगातार सप्लाई बंद रहने से सबसे ज्यादा असर गरीब और ग्रामीण परिवारों पर पड़ रहा है, जो सरकारी पोषण योजनाओं पर निर्भर हैं।

ग्रामीण इलाकों में कई आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि हितग्राही लगातार राशन के बारे में पूछ रहे हैं, लेकिन उनके पास कोई जवाब नहीं है। कई केंद्रों में महीनों से वितरण रजिस्टर खाली पड़े हैं। इससे सरकार की पोषण योजनाओं की जमीनी हकीकत पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

द मूकनायक से बातचीत में कांग्रेस प्रवक्ता रोशनी यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार लगातार पोषण और महिला-बाल विकास योजनाओं के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि प्रदेश के लाखों बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं तक तीन महीनों से टेक होम राशन नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के स्वास्थ्य और बच्चों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। सरकार की विफलता के कारण आंगनवाड़ी केंद्रों की पूरी व्यवस्था प्रभावित हो रही है और कुपोषण से लड़ने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं।

रोशनी यादव ने आरोप लगाया कि प्रदेश में टेक होम राशन योजना भ्रष्टाचार, अव्यवस्था और वित्तीय कुप्रबंधन की भेंट चढ़ गई है। उन्होंने कहा कि 300 करोड़ रुपए की उधारी और सप्लाई बंद होने के बावजूद सरकार समाधान निकालने में असफल रही है। कांग्रेस प्रवक्ता ने मांग की कि सरकार तत्काल बकाया भुगतान जारी करे, बंद पड़े संयंत्रों को शुरू कराए और यह सुनिश्चित करे कि बच्चों व महिलाओं को समय पर पोषण आहार मिल सके। उन्होंने कहा कि यदि जल्द व्यवस्था बहाल नहीं हुई तो कांग्रेस इस मुद्दे को प्रदेशभर में उठाएगी।

आयुक्त बोलीं- स्थिति की समीक्षा जारी

मामले पर महिला एवं बाल विकास विभाग की आयुक्त निधि निवेदिता ने कहा कि विभागीय स्तर पर स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है। टेक होम राशन की आपूर्ति को लेकर एसआरएलएम के साथ चर्चा जारी है। विभाग की प्राथमिकता है कि बच्चों और गर्भवती तथा स्तनपान कराने वाली महिलाओं को मिलने वाले पोषण सहयोग में कम से कम व्यवधान आए।

हालांकि जमीनी स्तर पर हालात फिलहाल सामान्य होते नजर नहीं आ रहे। प्रदेश के कई जिलों में आंगनवाड़ी केंद्रों पर राशन वितरण अब भी पूरी तरह बंद है और सप्लाई बहाल होने की कोई तय समयसीमा सामने नहीं आई है।

facebook twitter