राजपीपला, गुजरात - बिरसा मुंडा ट्राइबल यूनिवर्सिटी, राजपीपला की भर्ती अधिसूचना पर विवाद खड़ा हो गया है। विश्वविद्यालय ने प्रशासनिक पदों के लिए जारी की गई वेकेंसी में सभी पद सामान्य वर्ग (General Category) के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित किए हैं, जिसके खिलाफ आदिवासी संगठनों ने आवाज उठाई है।
विश्वविद्यालय ने 10 जनवरी 2025 को भर्ती अधिसूचना जारी की, जिसमें टेक्निकल असिस्टेंट (लाइब्रेरी), सिस्टम मैनेजर, ऑफिस सुपरिटेंडेंट, जूनियर क्लर्क समेत कुल 15 पदों पर भर्ती की जानी थी। लेकिन अधिकांश पदों को सामान्य वर्ग (General Category) के लिए रखा गया है, जबकि यह विश्वविद्यालय ट्राइबल सब-प्लान के फंड से चलता है और इसका नाम आदिवासी नायक बिरसा मुंडा के नाम पर रखा गया है।
ट्राइबल आर्मी ने एक एक्स (ट्विटर) पोस्ट में इस भर्ती को "आदिवासी अधिकारों का उल्लंघन" बताया। पोस्ट में लिखा –
"गुजरात की बिरसा मुंडा ट्राइबल यूनिवर्सिटी जो ट्राइबल सब-प्लान के पैसे से चलती है, उसमें 100% सवर्णों की भर्ती किया जाना आदिवासी हकों का खुला उल्लंघन है। यह शिक्षा के नाम पर छलावा और योजनाबद्ध सामाजिक अन्याय है! आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा जरूरी है!"
समाजशास्त्रियों का मानना है कि यदि यह विश्वविद्यालय विशेष रूप से आदिवासी समुदाय के विकास के लिए बनाया गया है, तो इसमें आदिवासी उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। कुछ का तर्क है कि सामान्य वर्ग के साथ-साथ SC, ST, OBC के लिए भी आरक्षण का पालन होना चाहिए।
AICC की राष्ट्रीय महासचिव सुभाषिनी शरद यादव ने पूर्व में किये एक पोस्ट में लिखा, " गुजरात की बिरसा मुंडा ट्राइबल यूनिवर्सिटी में मैनेजमेंट के लिए वेकेंसी निकाली गई। यहां एक भी पद SC/ST/OBC के लोगों को नहीं दिया गया है। क्यों? कब तक हक छीनोगे बहुजनों का?? कहां से आते है यह विचार? एक बार जातिगत जनगणना करवाके तो देखो। सच बाहर लाओ।"
बिरसा मुंडा जनजातीय विश्वविद्यालय भारतीय राज्य गुजरात के राजपीपला (नर्मदा जिले) में स्थित एक सार्वजनिक विश्वविद्यालय है। इसकी स्थापना 4 अक्टूबर 2014 को तत्कालीन आदिवासी कल्याण राज्य मंत्री शब्दशरण तड़वी द्वारा औपचारिक रूप से की गई थी। यह विश्वविद्यालय आदिवासी समुदाय के शैक्षणिक और सामाजिक विकास को समर्पित है। यह विश्वविद्यालय नर्मदा जिले के आदिवासी बहुल क्षेत्र राजपीपला में स्थित है, यह नर्मदा नदी से लगभग 1 किलोमीटर की दूरी पर है। इसका उद्देश्य आदिवासी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्रदान करना, जनजातीय समुदाय के सांस्कृतिक और शैक्षणिक विकास को बढ़ावा देना, रोजगारपरक प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रमों का संचालन करना है।
विश्वविद्यालय कला, वाणिज्य, विज्ञान और अन्य विषयों में स्नातक स्तर के पाठ्यक्रम प्रदान करता है, जिनमें शामिल हैं:
कला संकाय: इतिहास, समाजशास्त्र, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र आदि।
वाणिज्य संकाय: बी.कॉम (सामान्य एवं कंप्यूटर अनुप्रयोग)।
विज्ञान संकाय: भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित, जीव विज्ञान आदि।
मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष जानने के लिए द मूकनायक की ओर से जरिये ईमेल संपर्क करने का प्रयास किया गया, विश्वविद्यालय से प्रतिक्रिया मिलने पर खबर अपडेट की जाएगी।