जम्मू- जम्मू-कश्मीर सरकार के अधीन जम्मू स्कूल शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी ग्रीष्मकालीन अवकाश आदेश को लेकर अब मानवाधिकार कार्यकर्ता दीपिका पुष्करनाथ ने सार्वजनिक रूप से आपत्ति जताई है। निदेशालय ने 23 मई को आदेश संख्या 178-DSEJ-2026 जारी कर जम्मू संभाग के ग्रीष्मकालीन क्षेत्रों के सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में प्राथमिक कक्षाओं के लिए 1 जून से 22 जुलाई और छठी से बारहवीं कक्षा के लिए 8 जून से 22 जुलाई तक अवकाश घोषित किए थे। हालाँकि, दीपिका पुष्करनाथ ने इन तिथियों को अत्यधिक गर्मी के मद्देनजर अपर्याप्त बताते हुए प्रशासन से आदेश पर पुनर्विचार की माँग की है।
दीपिका पुष्करनाथ ने कहा कि जम्मू में इन दिनों जो भीषण गर्मी पड़ रही है, उसे देखते हुए बच्चों को स्कूल बुलाना या केवल निर्धारित छुट्टियों में ही राहत देना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को तुरंत इस आदेश पर पुनर्विचार करना चाहिए ताकि बच्चों को इस जानलेवा लू और उमस से बचाया जा सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसा कदम जम्मू-कश्मीर प्रशासन का एक करुणामयी, संवेदनशील और प्रोत्साहक फैसला साबित होगा।
Jammu is reeling under an unbearable heatwave. If adults are struggling, imagine what children are enduring. Delaying school vacations in such conditions makes no sense. Vacations must start tomorrow. Some decisions need compassion & urgency before suffering deepens.@sakinaitoo pic.twitter.com/KcYrs2c08W
— Deepika Pushkar Nath (@DeepikaPNath) May 24, 2026
गौरतलब है कि निदेशालय के आदेश में कहा गया है कि शिक्षक 21 जुलाई को स्कूलों में रिपोर्ट करेंगे और छुट्टियों के दौरान ऑनलाइन मार्गदर्शन के लिए उपलब्ध रहेंगे। साथ ही, चुनिंदा स्कूलों में ग्रीष्मकालीन ट्यूटोरियल और रेमेडियल कक्षाएं आयोजित करने का भी प्रावधान है। लेकिन दीपिका पुष्करनाथ का कहना है कि इस मौसम में बच्चों को शारीरिक और मानसिक रूप से सुरक्षित रखना प्राथमिकता होनी चाहिए, न कि शैक्षणिक गतिविधियों को थोपना। उन्होंने 25 मई से सभी कक्षाओं के लिए समर ब्रेक घोषित करने की मांग की है, अब देखना यह है कि जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा निदेशालय इस मांग पर कोई संशोधन करता है या नहीं।
इधर राजस्थान में पिछले कई दिनों से ग्रीष्मकालीन अवकाश काम करने के विरोध में आंदोलन कर रहे शिक्षकों के लिए राहत की खबर है। प्रदेश में अब स्कूल 21 जून की बजाए 29 जून को खुलेंगे। शिक्षक संगठनों की ओर से ग्रीष्म अवकाश कटौती और प्रधानाचार्य अधिकृत अवकाश खत्म करने के विरोध में शिक्षक संगठन लगातार आंदोलनरत थे।आगामी दिनों में कई और प्रदर्शन प्रस्तावित थे. इस पर शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों से वार्ता कर ग्रीष्मावकाश 28 जून तक किए जाने का फैसला लिया है, साथ ही संस्था प्रधानों के अधिकृत अवकाश को भी बहाल करने पर भी सहमति बनी।