उत्तर प्रदेश: प्रतापगढ़ जिले के रानीगंज कोतवाली के दुर्गागंज बाजार में स्थित एक निजी अस्पताल में एक दलित युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया था। 27 मार्च के इस घटना को लेकर मृतका के परिजनों ने हत्या और दुष्कर्म का आरोप लगाया था। हालांकि, जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि युवती अस्पताल के वार्ड ब्वॉय शाहबाज के प्रेम-प्रसंग में थी। शाहबाज ने युवती को शादी का झांसा देकर कई शारीरिक संबंध बनाए थे। लेकिन जब युवती ने शादी की बात की तो आरोपी ने उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
प्रतापगढ़ पुलिस ने युवती के संदिग्ध मौत का खुलासा करते हुए युवती के बॉयफ्रेंड वार्ड बॉय, एक डॉक्टर सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। वार्ड बॉय को बचाने के चक्कर में डॉक्टर सहित दो लोग फंस गए। पुलिस ने तीनों आरोपियों को पूछताछ के बाद जेल भेज दिया है।
दलित युवती की मौत के मामले में प्रतापगढ़ के एसपी डॉक्टर अनिल कुमार ने संदिग्ध मौत के मामले में रानीगंज पुलिस के साथ एसओजी और सर्विलांस टीम को मामले की जांच करने की निर्देश दिए थे। पुलिस ने 48 घंटे के भीतर पूरे घटनाक्रम से पर्दा उठा दिया। पूरे मामले की साजिश वार्ड ब्वॉय शाहबाज ने रची थी। पुलिस ने पूरे घटनाक्रम का पर्दाफाश करते हुए शाहबाज के साथ डॉक्टर और अस्पताल के एक अन्य कर्मी को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों में कौलापुर नन्दपट्टी के शहबाज, हुसैनपुर के सुनील कुमार यादव उर्फ मोनू और प्रयागराज के डॉ. अमित कुमार पाण्डेय उर्फ धीरज शामिल हैं। घटना के बाद आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने की कोशिश की। लेकिन पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मामले का खुलासा किया है। आरोपियों पर हत्या, दुष्कर्म और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए पुलिस ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाया गया है। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। उन्होंने बताया कि वार्ड ब्वॉय शाहबाज इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी है। उसने डॉक्टर व अन्य कर्मचारी को अपनी चाल में फंसा दिया। पुलिस का कहना है कि मामले की गहराई से जांच जारी है। आगे जो भी तथ्य सामने आएंगे। उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
घटना पर आक्रोश व्यक्त करते हुए नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि, "दलित युवती की सामूहिक बलात्कार के बाद हत्या अत्यंत दुखद, शर्मनाक और दण्डनीय है। मेरी संवेदनाएं परिजनों के साथ है, प्रकृति उन्हें इस असीम दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें। युवती अपने परिवार की एकमात्र कमाने वाली थी। पिता हैं नहीं, माँ विकलांग हैं और दो छोटी बहनें पूरी तरह मृतका पर निर्भर थीं। यह केवल एक हत्या नहीं, बल्कि एक दलित परिवार की रोजी-रोटी और भविष्य को कुचलने की साजिश है। यह प्रदेश में दलित बेटियों पर हो रहे हिंसक अत्याचारों, जातिवादी मानसिकता और दलित बच्चियों की असुरक्षा का संयुक्त प्रमाण हैं।"
सांसद ने मांग की कि, "दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी और फांसी की सजा हो! SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज हो! पीड़ित परिवार को सरकारी सुरक्षा और आर्थिक मदद दी जाए। मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो! भीम आर्मी, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की प्रतापगढ़ की टीम मौका-ए-वारदात पर पीड़ित परिजनों के साथ है।"