सूर्यापेट: तेलंगाना के सूर्यापेट जिले में एक दलित विचाराधीन कैदी (रिमांड प्रिज़नर) की मौत के मामले में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। कोदाद डीएसपी श्रीधर रेड्डी ने शुक्रवार को पुष्टि की कि मृतक की मां, करना ललिता की शिकायत के बाद पुलिसकर्मियों पर दूसरा मामला दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई के तहत चिलकुर के एसआई सुरेश रेड्डी और कोदाद ग्रामीण सीआई प्रताप लिंगम को नामजद किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
डीएसपी के अनुसार, यह नया मामला (अपराध संख्या 245/2025) SC/ST (अत्याचार निवारण) संशोधन अधिनियम, 2025 की धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। मृतक करना राजेश हुजूरनगर सब-जेल में बंद थे, जहां 16 नवंबर 2025 को यह घटना हुई। बाद में, सिकंदराबाद के गांधी अस्पताल में इलाज के दौरान राजेश की मृत्यु हो गई थी।
घटना के बाद शुरुआत में हुजूरनगर पुलिस स्टेशन में बीएनएसएस (BNSS) की धारा 196 के तहत अपराध संख्या 223/2025 दर्ज की गई थी। इस मामले की जांच राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के दिशा-निर्देशों के अनुसार की जा रही है।
सीआई निलंबित, निष्पक्ष जांच के आदेश
राजेश की मां द्वारा दी गई शिकायत के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कोदाद ग्रामीण सीआई को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है, जबकि चिलकुर एसआई का तबादला कर दिया गया है। जांच में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (मल्टी-ज़ोन II) ने नलगोंडा डीसीआरबी के डीएसपी जी. रवि को इस मामले का जांच अधिकारी (IO) नियुक्त किया है।
पीड़ित परिवार को मिला 4.12 लाख का मुआवजा
डीएसपी श्रीधर रेड्डी ने बताया कि जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवार के लिए 4,12,500 रुपये की मुआवजा राशि मंजूर की थी। यह राशि सूर्यापेट एसपी के. नरसिम्हा द्वारा भेजे गए प्रस्तावों के आधार पर स्वीकृत की गई। तेलंगाना राज्य एससी और एसटी आयोग के अध्यक्ष ने 26 दिसंबर को राजेश की मां ललिता को मुआवजे का चेक सौंपा था। पुलिस का कहना है कि दोनों दर्ज मामलों में संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई जारी है।