सिद्दीपेट/हैदराबाद: तेलंगाना के सिद्दीपेट जिले से एक बेहद दुखद और समाज को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ सरकारी मेडिकल कॉलेज में कार्यरत एक 23 वर्षीय दलित महिला हाउस सर्जन ने जातिगत भेदभाव और प्रेम में मिले धोखे से आहत होकर आत्महत्या कर ली। आरोप है कि एक सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर ने पहले उसे शादी का झांसा दिया, लेकिन बाद में जाति का हवाला देते हुए रिश्ता तोड़ने की बात कही। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान बी. लावण्या (23) के रूप में हुई है, जो जोगुलंबा-गदवाल जिले के जलापुरम गांव की रहने वाली थी। वह सिद्दीपेट के सरकारी मेडिकल कॉलेज में अपनी इंटर्नशिप कर रही थी। इसी दौरान जुलाई 2025 में उसकी मुलाकात अलवाल के रहने वाले सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर प्रणय तेजा से हुई।
दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और आरोपी प्रणय ने लावण्या से शादी का वादा किया। प्रणय पिछड़े वर्ग (BC) से ताल्लुक रखता है। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने कथित तौर पर प्यार के नाम पर लावण्या को धोखा दिया और जब शादी की बात आई, तो उसने पीड़िता की जाति (दलित) का कारण बताते हुए शादी से साफ इनकार कर दिया।
हॉस्टल के कमरे में उठाया खौफनाक कदम
प्रेमी द्वारा जाति के नाम पर ठुकराए जाने से लावण्या डिप्रेशन में चली गई थी। पुलिस के मुताबिक, 3 जनवरी को उसने कॉलेज के हॉस्टल में खुद को 'पैराक्वाट डाइक्लोराइड' (एक प्रकार का खरपतवार नाशक/हर्बिसाइड) का इंजेक्शन लगा लिया। इंजेक्शन लेने के बाद वह बेहोश हो गई।
उसकी रूममेट्स ने उसे तुरंत सिद्दीपेट के अस्पताल में भर्ती कराया। हालत बिगड़ने पर उसे हैदराबाद के निम्स (NIMS) अस्पताल रेफर किया गया। वहां इलाज के दौरान रविवार, 4 जनवरी की तड़के उसने दम तोड़ दिया।
मजदूर माता-पिता की होनहार बेटी थी लावण्या
लावण्या का सफर संघर्ष और सफलता की एक मिसाल था, जिसका अंत बेहद दुखद रहा। वह एक बेहद गरीब परिवार से आती थी और उसके माता-पिता दिहाड़ी मजदूर हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद उसने गौलीदोड्डी के समाज कल्याण आवासीय कॉलेज (Social Welfare Residential College) से पढ़ाई की। लावण्या पढ़ाई में इतनी मेधावी थी कि उसने अपने पहले ही प्रयास में NEET की परीक्षा पास कर ली थी और 2020 में सिद्दीपेट मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीट हासिल की।
पुलिस ने बताया कि वह न केवल पढ़ाई में, बल्कि खेलकूद में भी हमेशा अव्वल रहती थी। उसकी बड़ी बहन सिरीशा एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं।
आरोपी डॉक्टर गिरफ्तार, गंभीर धाराओं में केस दर्ज
इस घटना ने लावण्या के परिवार को सदमे में डाल दिया है। पीड़िता की बहन सिरीशा की शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। सिद्दीपेट के एसीपी रविंदर रेड्डी ने पुष्टि की है कि आरोपी प्रणय तेजा को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 और 69 के साथ-साथ एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को सिद्दीपेट कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे रिमांड पर भेज दिया गया है। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि आधुनिक शिक्षा और पेशेवर सफलता के बावजूद जातिगत भेदभाव की जड़ें समाज में कितनी गहरी हैं।