जनगणना फॉर्म में जातिवादी भाषा! शिकायत पर NCSC ने पंजाब सरकार को भेजा नोटिस

07:40 PM May 19, 2026 | Geetha Sunil Pillai

नई दिल्ली/चंडीगढ़- राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) ने आगामी जनगणना कार्य में इस्तेमाल की जा रही अनुसूचित जातियों की आधिकारिक सूची में कथित जातिवादी शब्दों के इस्तेमाल की शिकायत पर संज्ञान लिया है। आयोग ने इस मामले में पंजाब के जनगणना निदेशक और सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण विभाग के प्रमुख सचिव को 15 दिनों के अंदर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) जमा करने के निर्देश दिए हैं।

आयोग द्वारा हालिया जारी नोटिस में कहा गया है कि राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल द्वारा 6 मई को दी गई शिकायत पर संज्ञान लिया है। शिकायत में पंजाब सरकार की अनुसूचित जाति सूची (विशेष रूप से वाल्मीकि समुदाय से संबंधित एंट्री नंबर 2) में अंग्रेजी और पंजाबी दोनों भाषाओं में प्रयुक्त कुछ शब्दों को जातिवादी और अपमानजनक बताया गया है।

आयोग ने दोनों अधिकारियों को सूचित किया है कि यदि निर्धारित समय में जवाब नहीं मिला तो वह संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत सिविल कोर्ट की शक्तियों का प्रयोग करते हुए संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से या प्रतिनिधि के माध्यम से समक्ष उपस्थित होने के लिए समन जारी कर सकता है।

मुख्य मुद्दा पंजाब की अनुसूचित जातियों की आधिकारिक सूची में शामिल उन शब्दों का है जो सफाई कर्मी समुदाय (वाल्मीकि/बल्मीकि) से जुड़े हैं। ये शब्द लंबे समय से इस्तेमाल हो रहे हैं, लेकिन समुदाय अब इन्हें अपमानजनक मानता है। ये शब्द जनगणना 2027 की तैयारियों के दौरान इस्तेमाल की जा रही प्रोफार्मा में शामिल हैं।

जनगणना संचालन निदेशक नवजोत खोसा ने स्पष्ट किया है कि यह सूची नई नहीं है। यह दशकों से चली आ रही है और 2011 की जनगणना में भी इसी प्रोफार्मा का उपयोग हुआ था। इसे केवल जाति की गणना के लिए इस्तेमाल किया जाता है, न कि किसी को अपमानित करने के लिए।

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। समुदाय के प्रतिनिधियों ने इन शब्दों को हटाने और संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की है।