जोधपुर। आजादी के 78 साल बाद भी वाल्मिकी (मेहत्तर) समाज के साथ हो रहे सामाजिक और मानसिक शोषण का एक और चौंकाने वाला मामला जोधपुर नगर निगम से सामने आया है। अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सरदार प्रकाश सिंह 'विद्रोही' ने केंद्रीय रक्षा मंत्री को लिखे एक पत्र में आरोप लगाया है कि निगम के डीसी स्वरूप सिंह ने उन्हें जाति सूचक शब्दों से अपमानित किया और राजकार्य में बाधा डालने का झूठा मुकदमा फंसाने की धमकी दी।
पत्र के अनुसार, लंबे समय से सफाई कर्मचारियों की दस सूत्री मांगों को लेकर चल रहे संघर्ष के दौरान 12 मई को नेता भूख हड़ताल पर थे। तेज धूप और अधिकारियों की लापरवाही के कारण पहले से बाईपास सर्जरी करवा चुके सरदार प्रकाश सिंह की तबीयत बिगड़ गई, लेकिन इसके बावजूद निगम प्रशासन गंभीर नहीं हुआ।
विद्रोही के मुताबिक, जब हालात बिगड़ते गए, तब डीसी स्वरूप सिंह ने कमरे में मौजूद सभी पुलिसकर्मियों, अधिकारियों और संगठन के सदस्यों को बाहर निकाल दिया। इसके बाद उन्होंने उन्हें जाति सूचक शब्दों से अपमानित करते हुए कहा, "तुम्हारे भंगियों की औकात नहीं है कि हमारे सामने संघर्ष कर सको।" इसी दौरान विद्रोही की तबीयत अचानक बिगड़ गई। पहले वे कुर्सी पर बैठे रहे, फिर हालत ज्यादा खराब होने पर उपायुक्त के कमरे में ही लेट गए।
आयुक्त के नाम पर राजकार्य में बाधा डालने का झूठा मुकदमा फंसाने की धमकी भी दी गई । सरदार प्रकाश सिंह ने इस मानसिकता को मानवता पर कलंक बताते हुए कहा कि जहां पूरी दुनिया चांद पर बसने की सोच रही है, वहीं पढ़े-लिखे अधिकारी आज भै पुरानी मानसिकता में जी रहे हैं।
अपने पत्र में सरदार प्रकाश सिंह ने केंद्रीय रक्षा मंत्री से कई मांगें की हैं। उन्होंने मांग की है कि जोधपुर नगर निगम का वर्तमान सफाई ठेका निरस्त कर स्थायी कर्मचारियों की भर्ती, डीपीसी और आपराधिक अनुकंपा नियुक्ति जल्द की जाए। साथ ही, वाल्मिकी समाज को वरीयता एवं डिप्लोमा के आधार पर सफाई प्रभारी बनाया जाए।
पत्र में यह भी कहा गया है कि 2018 से गैर-वाल्मिकी समाज के लोग सफाई कार्य नहीं कर रहे हैं, जिसका अतिरिक्त बोझ वाल्मिकी समाज की महिलाओं पर पड़ रहा है, इसलिए उन्हें तत्काल वार्डों में सफाई कार्य पर लगाया जाए। सबसे महत्वपूर्ण मांग डीसी स्वरूप सिंह का तत्काल स्थानांतरण और उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही करने की है। चेतावनी देते हुए सरदार प्रकाश सिंह ने कहा है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वे अदालत की शरण लेंगे और डीसी के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराएंगे।
इस पत्र की प्रतियां केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, राजस्थान के मुख्यमंत्री और जोधपुर के विधायक अतुल भंसाली को भी भेजी गई हैं। फिलहाल, नगर निगम प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सरदार प्रकाश सिंह के इस आरोप ने वाल्मिकी समाज में आक्रोश पैदा कर दिया है।