भुवनेश्वर: ओडिशा में चिकित्सा और तकनीकी शिक्षा में छात्रों को अब ज्यादा आरक्षण मिलेगा। राज्य सरकार ने मेडिकल और इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में एससी, एसटी छात्रों के लिए आरक्षण बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है। साथ ही ओबीसी (एसईबीसी) स्टूडेंट्स को भी 11.25 फीसदी रिजर्वेशन दिया जाएगा।
4 अप्रैल को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह प्रस्ताव पास हो गया। अब एसटी छात्रों को 12 प्रतिशत की जगह 22.50 प्रतिशत आरक्षण, एससी छात्रों को 8 प्रतिशत की जगह 16.25 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। साथ ही सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्ग (एसईबीसी/ओबीसी) के लिए पहली बार 11.25 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई है। कुल आरक्षण 50 प्रतिशत की सीमा के अंदर रहेगा।
Odisha is seeing a new way of Social Justice reform.
— Nethrapal (@nethrapal) April 5, 2026
As I always mention, BJP's strategy is not Hindutva but Sub-Altern Hindutva. Today the party has supported SC,ST,OBC reservation better than others.
The data also suggests that a large segment of SC,ST,OBCs vote for BJP… https://t.co/PEpsxxKGRn
इस फैसले से इंजीनियरिंग में कुल 44,579 सीटों में एसटी छात्रों की सीटें 5,349 से बढ़कर 10,030 हो जाएंगी, जबकि एससी की सीटें 7,244 और एसईबीसी की 5,015 हो जाएंगी। मेडिकल कोर्स (यूजी+पीजी) की कुल 2,421 सीटों में एसटी के लिए 545, एससी के लिए 393 और एसईबीसी के लिए 272 सीटें आरक्षित होंगी।
यह नयी आरक्षण व्यवस्था राज्य मेडिकल और टेक्निकल एजुकेशन से जुड़े कालेज, आईटीआई, पॉलिटेक्निक तथा इंजीनियरिंग, मेडिसिन, फार्मेसी, कृषि, आर्किटेक्चर आदि पाठ्यक्रमों में लागू होगी। ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन लेवल के सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और डिग्री कोर्स में भी लागू की जाएगी, सरकार का कहना है कि यह बदलाव अगले शैक्षणिक सत्र से लागू होगा और इससे पिछड़े वर्गों के छात्रों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे।
कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने इस मुद्दे पर कहा कि ओडिशा सरकार ने एससी, एसटी और ओबीसी वर्गों को पर्याप्त आरक्षण देने का महत्वपूर्ण और अनोखा निर्णय लिया है। उन्होंने कहा, “ एससी और एसटी को मिलाकर 20 फीसदी आरक्षण दिया जाता था और ओबीसी के लिए तो आरक्षण था भी नहीं, अब हम पूरी आरक्षण व्यवस्था को पुनर्गठित कर रहे हैं। एसटी और एससी का आरक्षण बढ़ाया जाएगा और पिछड़े वर्ग (बैकवर्ड क्लास) के लिए भी आरक्षण शुरू किया जाएगा।”
इस फैसले का एससी, एसटी और ओबीसी समुदायों के कई प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ताओं और पिछड़ा वर्ग संगठनों ने स्वागत किया है। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया और कहा कि इससे हजारों छात्र-छात्राओं को मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसे कोर्स में प्रवेश मिल सकेगा। हालांकि विपक्षी दलों बीजेडी और कांग्रेस के कुछ नेताओं ने इसे अपर्याप्त बताते हुए ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग दोहराई है। कुल मिलाकर यह फैसला ओडिशा की शिक्षा व्यवस्था को अधिक समावेशी बनाने वाला माना जा रहा है।
जानिए कितना आरक्षण मिलेगा अब:
एसटी: 22.50%
एससी: 16.25%
एसईबीसी/ओबीसी: 11.25%
सरकार का दावा है कि इससे राज्य में सामाजिक समानता मजबूत होगी और पिछड़े वर्गों का प्रतिनिधित्व बढ़ेगा।