नई दिल्ली: लद्दाख के प्रख्यात पर्यावरण कार्यकर्ता, शिक्षाविद् और रेमन मैग्सेसे पुरस्कार विजेता सोनम वांगचुक ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ किया है कि अगर 5 जून तक शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं होता है, तो वह 6 जून को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे। हालाँकि, उनके लिए यह मुद्दा सिर्फ NEET पेपर लीक से कहीं बड़ा है।
गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके, जो फिलहाल अमेरिका में हैं, 6 जून को भारत लौटेंगे और जंतर-मंतर पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करेंगे। अब सोनम वांगचुक जैसी प्रतिष्ठित हस्ती के उनके साथ आने से इस आंदोलन को नई दिशा मिलने की संभावना है।
सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में कहा, “NEET, CUET और CBSE के पेपर लीक होना दूसरे लोगों के लिए वजह हो सकते हैं, लेकिन मेरे लिए ये एक बड़ा मुद्दा है।” उन्होंने आगे बताया कि पिछले चार दशकों से वह शिक्षा सुधार के लिए संघर्ष कर रहे हैं। “मैं जब यह देखता हूँ कि कुछ नहीं बदल रहा है, तो मैं निराश हो जाता हूँ। बदलाव की ज़रूरत महसूस करता हूँ। बहुत अच्छी नीतियाँ आ रही हैं, जैसे नई शिक्षा नीति, जिनसे मैं बहुत खुश हूँ, लेकिन उस पर अमल को देखकर मैं निराश हो जाता हूँ।”
IF NOT US, WHO?
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) June 2, 2026
IF NOT NOW, WHEN !
I will be joining the CJP members in Delhi on 6th June if nothing changes by 5th June. Any self respecting Minister should resign if things go so wrong... Not to mention the effect on millions of young lives and in fact the future of India.… pic.twitter.com/A6XswLSs12
सोनम वांगचुक ने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ एक बढ़िया नीति है लेकिन अगर स्कूलों की यही हालत रही, तो यह सपना अधूरा रह जाएगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश के एक सरकारी स्कूल के प्री-प्राइमरी बच्चों की तस्वीर दिखाते हुए कहा, "2047 में इन्ही बच्चों के हाथों में देश होगा, क्या ये बच्चे देश को संभाल पायेंगे ? अगर हमारे स्कूलों की यही हालत रही, तो विकसित भारत का क्या होगा?”
उन्होंने सरकार की मंशा की तारीफ करते हुए कहा, “मैं मंशा के लिए 10 में से 10 दूँगा, लेकिन असली बात अमल या हरकत पर है। हरकत में ही बरकत है, सिर्फ तमन्नाओं से कुछ नहीं होता।”
उन्होंने पिछले 3-4 शिक्षा मंत्रियों के कामकाज पर निराशा जताते हुए कहा, “मुझे नहीं लगता कि अब कुछ कमाल होने वाला है। इसलिए मैं शिक्षा मंत्री का इस्तीफा चाहता हूँ।”
सोनम वांगचुक ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से आग्रह किया कि वर्तमान हालातों में कोई भी स्वाभिमानी शिक्षा मंत्री हो तो उन्हें इस्तीफ़ा देना चाहिए, “अगर 5 जून तक शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया या उन्हें नहीं हटाया गया, तो मैं 6 जून (शनिवार) को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल हो जाऊँगा।"
इसे पहले सोनम ने यह भी स्पष्ट किया कि कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके से बात करने के बाद उन्हें लगा कि वह देशभक्त हैं और उनकी कोई गलत मंशा नहीं है बल्कि वे एक कुर्बानी दे रहे हैं।
वांगचुक के अलावा एंटी करप्शन एक्टिविस्ट अंजलि दमानिया ने भी 6 जून के प्रोटेस्ट में भाग लेने की घोषणा की है